ट्रैक एंड फील्ड की दुनिया में एक नई स्प्रिंट सनसनी उभरकर सामने आई है। अमेरिका के 21 वर्षीय जॉर्डन एंथनी ने वर्ल्ड इंडोर चैम्पियनशिप की 60 मीटर दौड़ में गोल्ड जीतकर न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि अपनी संघर्ष भरी कहानी से सभी को प्रेरित भी किया। एंथनी ने 6.41 सेकंड का समय निकाला, जो इतिहास का चौथा सबसे तेज समय है। रेस से सिर्फ 36 घंटे पहले उन्हें गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा था। पोलैंड पहुंचने के बाद डोप टेस्ट के दौरान एक अधिकारी ने जब खून लिया तो सुई नस में नहीं लगी, बल्कि बाहर लग गई, जिससे उनके हाथ में ब्लड क्लॉट हो गया। वे अपना हाथ ठीक से हिला भी नहीं पा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और दर्द के साथ ही मैदान में उतरने का फैसला किया।
नौ महीने पहले फुटबॉल छोड़कर चुना एथलेटिक्स
जॉर्डन एंथनी की कहानी और भी खास इसलिए है क्योंकि उन्होंने महज नौ महीने पहले ही पेशेवर एथलेटिक्स में कदम रखा है। इससे पहले वे कॉलेज फुटबॉल में अर्कांसस रेजरबैक्स टीम से खेलते थे। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने एनएफएल का सपना क्यों छोड़ा, तो उन्होंने साफ कहा, ‘क्योंकि यहां कोई मुझे टक्कर मारने के लिए मेरी तरफ नहीं दौड़ रहा है।’
रोमांचक रहा फाइनल, 0.01 सेकंड से चूके अजू
रोमांचक फाइनल में कांटे की टक्कर दिखी। जमैका के किशाने थॉम्पसन ने 6.45 सेकंड के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि अमेरिका के ट्रेवॉन ब्रोमेल ने भी 6.45 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज हासिल किया। इसका फैसला फोटो फिनिश से हुआ। ब्रिटेन के जेरमायाह अजू महज 0.01 सेकंड से मेडल से चूक गए।
ओलिंपिक चैम्पियन लायल्स के साथ ट्रेनिंग
एंथनी 100 मीटर के ओलिंपिक चैम्पियन नोआ लायल्स के ट्रेनिंग ग्रुप का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं दूसरों की रेस देखता हूं। यह ठीक वैसा ही है जैसे फुटबॉल में हम दूसरी टीम का विश्लेषण करते हैं। ट्रैक एंड फील्ड में कई लोग ऐसा नहीं करते, लेकिन मैं माइंड गेम पर ध्यान देता हूं। मुझे पता होता है कि सामने वाला क्या अच्छा करता है और क्या नहीं।’
डेब्यू में जीता गोल्ड, अब घरेलू ओलिंपिक पर नजर
इस जीत से एंथनी का आत्मविश्वास बढ़ गया है। उन्होंने कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैंने डेब्यू में गोल्ड जीता और इसे अमेरिका लेकर जा रहा हूं। मैंने कॉलेज फुटबॉल में ज्यादा दर्शकों के सामने खेला है, लेकिन यहां आकर मैं ज्यादा उत्साहित था। यह मेरे लिए आसान लगा।’ अब उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 2028 में गोल्ड जीतना है।