‘सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों को नोट छापने की मशीन बनाया’:पूर्णिया में छात्र संवाद कार्यक्रम में बोले पप्पू यादव, बोले- नेताओं की बेकार बहस से दूर रहें

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की ओर से छात्र संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पूर्णिया कॉलेज के जेनरल छात्रावास कैंपस में आयोजित हुई, जो डेढ़ घंटे तक चली। इसमें कॉलेज और आसपास के इलाकों से सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी ने अपनी समस्याओं से पूर्णिया सांसद को अवगत कराया।

छात्र संवाद कार्यक्रम में छात्रों ने पढ़ाई, परीक्षा, परिणाम, दाखिले, छात्रावास, फीस, संसाधनों की कमी और शैक्षणिक अव्यवस्थाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं खुलकर सांसद के सामने रखीं। इस दौरान पूर्णिया सांसद ने वन टू वन स्टूडेंट्स की समस्याएं सुनी। संबंधित कॉलेज और विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की और फौरन इन समस्याओं का तत्काल समाधान निकालने को कहा।

‘हमारे बच्चे कितनी परेशानी में हैं, मैं इससे वाकिफ हुआ’

छात्र संवाद कार्यक्रम के बाद सांसद पप्पू यादव ने अपनी फेसबुक आईडी से लिखा- हमारे बच्चे कितनी परेशानी में हैं, इसकी जमीनी हकीकत से मैं वाकिफ हुआ। शिक्षा व्यवस्था किस तरह पंगु बन चुकी है, बच्चों ने खुलकर बताया। सरकार बनाने और गिराने में लगे लोगों को इनके भविष्य की चिंता बिल्कुल नहीं है।

पप्पू यादव ने लिखा कि आज कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को नोट छापने की मशीन बना दिया गया है। सरकारी संस्थान भी प्राइवेट संस्थानों की तरह काम करने लगे हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पूरी तरह गायब है।

पप्पू यादव बोले- युवा और बच्चे संस्थानिक लूट से आहत हैं

पप्पू यादव ने लिखा कि कोसी-सीमांचल बिहार का सबसे पिछड़ा इलाका है, जिसकी एकमात्र उम्मीद पूर्णिया है। लेकिन यहां भी युवा और बच्चे सांस्थानिक लूट से आहत हैं। ये समस्या एक-दो बच्चों की नहीं, बल्कि हजारों छात्रों की है। ऑन द स्पॉट समाधान और आगे भी जारी रहेगा संवाद सांसद ने बताया कि संवाद के दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया गया है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

हम आए तो थे लोकसभा क्षेत्र के युवाओं के साथ AI ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों में करियर की संभावनाओं पर चर्चा करने, लेकिन बच्चों ने जिस बेबाकी से अपनी पीड़ा रखी, वह सराहनीय है।

वहीं संवाद कार्यक्रम के दौरान युवाओं से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर धर्म और जाति के नाम पर लड़ने के बजाय एक नई शुरुआत करें। अपनी प्रतिभा को निखारें, इसे अपना मंच बनाएं, ताकि दुनिया आपके हुनर की कायल हो। नेताओं की बेकार बहस से दूर अपनी लड़ाई खुद लड़ें, मैं आपके हर कदम पर आपके साथ हूं।

कार्यक्रम के आखिरी में छात्रों ने सांसद का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम आगे भी होते रहेंगे, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की आवाज को मजबूती मिल सके।

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