सीएम से विजयवर्गीय बोले-आपके नाम से अफसर हमें चमकाते थे:अच्छा हुआ आपके पास इंदौर का प्रभार नहीं; मेट्रो अधिकारी से भी बोले- मर्जी से मत बदल देना प्रस्ताव

अच्छा हुआ..आपने बता दिया कि आपके पास इंदौर का प्रभार नहीं है। गजट नोटिफिकेशन में लिखा है कि आप इंदौर के प्रभारी हैं, इसलिए आपके नाम से अधिकारी हमें चमकाते थे।

यह बात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कही। बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है। सीएम इंदौर में रविवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में बैठक ले रहे थे। बताया जा रहा है कि मंत्री की बात का सीएम ने जवाब में देते हुए कहा है कि जिसको जो देना था वह दे दिया। अब जो बच गया वह मेरे पास है।

इस दौरान मंत्री ने मेट्रो के अधिकारी से भी मर्जी से प्रस्ताव नहीं बदलने का कहा है। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हाल ही में कह चुके हैं कि वे इंदौर के प्रभारी मंत्री नहीं हैं। मुख्यमंत्री प्रदेश में जिलों के कार्य का विभाजन मंत्रियों के बीच करता है। एक जिला इंदौर खाली है। मैं वहां का प्रभारी मंत्री नहीं हूं। काम का बंटवारा कर दिया। इंदौर छोड़ दिया।

हम तो हमेशा मुख्यमंत्री को ही प्रभारी मानते आए

इंदौर में बैठक के दौरान विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर हंसते हुए टिप्पणी की। कहा है कि इंदौर में अधिकारी अक्सर प्रभारी मंत्री का नाम लेकर हमें चमकाते थे और हम तो हमेशा मुख्यमंत्री को ही इंदौर का प्रभारी मंत्री मानते आए हैं।

इस पर मुख्यमंत्री मुस्कुराने लगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो जिले खाली हैं, उनकी जिम्मेदारी मेरे पास है। इसके बाद सभागार में हल्का सा हास्य का माहौल बन गया था।

मंत्री विजयवर्गीय ने मेट्रो एमडी को भी दी हिदायत

बैठक के पहले विजयवर्गीय ने मेट्रो के एमडी श्रीकृष्ण चैतन्य को बुलाकर पूछा कि बैठक में मेट्रो का रूट क्या रख रहे हो? जो तय हुआ है अंडरग्राउंड का वही रखना और कोई विकल्प मत रखना। खर्चा क्या है, वह भी बताना है।

मंत्री ने एमडी से कहा कि बैठक में सीएम के समक्ष नया प्रस्ताव मत रख देना। इस पर मेट्रो एमडी कृष्ण चैतन्य ने कहा वही प्रस्ताव रख रहे हैं।

कैलाश विजयर्गीय ने सीएम को दी पर्चियां

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस काॅन्फ्रेंस की। इस दौरान रोचक बात देखने को मिली। मंच पर सीएम के साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव बैठे थे।

काॅन्फ्रेंस के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने पहले अपनी जेब में पेन देखा, लेकिन पेन नहीं मिला। फिर उन्होंने पास में बैठे सांसद से पेन लिया और कागज पर पर्ची लिखकर सीएम को दी। ऐसा उन्होंने चार-पांच बार किया और हर बार सीएम को पर्ची दी।

कहा था- शिवम वर्मा हां करते हैं लेकिन काम नहीं

अधिकारियों को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पहली बार नहीं है। वे एक बार सार्वजनिक मंच से कलेक्टर शिवम वर्मा को लेकर भी तंज कस चुके हैं। उन्होंने कहा कि शिवम वर्मा फोन पर सिर्फ ‘हां’ कहते हैं, लेकिन काम नहीं करते हैं। मंत्री ने जब यह कहा था तब वर्मा निगम आयुक्त थे।

यही नहीं, तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी उन्होंने 2008 में मेरिएट होटल में आयोजित कार्यक्रम में कहा था शिवराज जी, मेरे हाथ मुझे लौटा दीजिए।

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