हरियाणा में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ का प्रयास करने और भ्रामक जानकारी फैलाने वाले अब हरियाणा पुलिस के निशाने पर हैं। पुलिस ने अब तक 1,018 संदिग्ध लिंक और प्रोफाइल की पहचान कर उन्हें रिपोर्ट किया है। साथ ही 583 आपत्तिजनक प्रोफाइल और कंटेंट को ब्लॉक या डिलीट कर दिया है। शेष पर काम चल रहा है और इनको भी जल्दी ही टेक-डाउन किया जाएगा।
जानकारी अनुसार, पुलिस ने एक व्यापक डिजिटल स्वच्छता अभियान शुरू किया है। इसके तहत आपत्तिजनक सामग्री पर सर्जिकल स्ट्राइक की जा रही है। पुलिस द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के साथ मिलकर काम कर रही है। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर परोसी जा रही राष्ट्र-विरोधी, धर्म-विरोधी और समाज में तनाव पैदा करने वाली सामग्री पर अंकुश लगाना है।
पुलिस हर रोज जारी कर रही नोटिस
इस दौरान साइबर टीम रोजाना उन पोस्टों, वीडियो, लिंक और प्रोफाइलों की पहचान कर रही है जिनमें गलत जानकारी, उकसाने वाली भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाला कंटेंट शामिल है। जैसे ही ऐसी किसी सामग्री का संज्ञान लिया जाता है, आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी कर उसे तुरंत हटाने की मांग की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर भी पुलिस की नजर
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। देशभर में ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर चल रहे संदिग्ध ऐप्स और चैनलों की बढ़ती गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए साइबर हरियाणा ने 12 जनवरी से एक विशेष अभियान शुरू किया है।
28 एप और चैनलों की पहचान
इस अभियान के तहत अब तक 28 ऐसे ऐप और चैनलों की पहचान की जा चुकी है जिनके संचालन पर संदेह था। इनमें से 14 को सफलतापूर्वक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटाया जा चुका है, जबकि शेष 14 पर सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज द्वारा अंतिम समीक्षा और टेक-डाउन की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
भ्रामक व भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत या भड़काऊ जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस बेहद सख्त है और किसी भी परिस्थिति में ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज युवाओं और समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है, ऐसे में कोई भी भ्रामक या उकसाने वाली सामग्री समाज के सौहार्द और शांति के लिए सीधे खतरा पैदा कर सकती है।
डीजीपी ने बताया कि साइबर हरियाणा टीम लगातार सतर्क है और किसी भी संवेदनशील या आपत्तिजनक पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
डीजीपी की लोगों से अपील
डीजीपी सिंघल ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, किसी नए ऐप में निवेश करने से पहले उसकी सही जांच कर लें और सोशल मीडिया पर कोई भी संवेदनशील सामग्री बिना सोचे-समझे साझा न करें। उन्होंने यह भी अपील की कि लोग स्वयं जागरूक रहें और अपने आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के प्रति सतर्क करें।
डीजीपी सिंघल ने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, ताकि समय रहते फ्रॉड की गई राशि को अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर होने से रोका जा सके और अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।