हरियाणा में नवचयनित पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड 6 माह के लिए और बढ़ा दिया गया है। जनवरी में 2 माह के लिए तथा अब मार्च में फिर से 4 माह के लिए इसे बढ़ाया गया है। पटवारी ट्रेनिंग पीरियड को एक साल करने की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं।
हरियाणा निदेशालय भू अभिलेख की ओर से जारी पत्र के अनुसार कहा गया है कि सभी नवचयनित पटवारियों का ट्रेनिंग पीरियड चार माह आगे बढ़ाकर उनकी ड्यूटी एग्री स्टॉक, ततीमा अपडेशन और दूसरे राजस्व कार्यों में लगाई जाए। इन्हें अपने गृह जिले में नजदीक तहसील और सब तहसील में ड्यूटी दी जाए, जिससे इन्हें परेशानी कम आए। इस पीरियड की हाजिरी रिपोर्ट निदेशालय को भेजने के आदेश भी किए गए हैं।
सीएम ने किया था वादा
झज्जर सर्कल के पटवारी नीतिश ने बताया कि जनवरी 2025 में उनकी जॉइनिंग के समय सीएम नायब सैनी ने कहा था कि उनका ट्रेनिंग पीरियड एक साल रखा जाएगा, जो कि उनकी सर्विस में भी काउंट होगा, लेकिन एक साल पूरा हो चुका है। इसके बावजूद भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। इसी के विरोध में वे आज पंचकूला प्रदर्शन कर चुके हैं।
ट्रेनी पटवारियों का प्रदर्शन और प्रमुख मांगें…
13 महीने का संघर्ष: ट्रेनी पटवारियों को केवल 10 हजार रुपए का स्टाइपेंड मिल रहा है, जो कि बहुत कम है। किसी भी प्रकार के मेडिक्लेम की सुविधा भी नहीं है।
नोटिफिकेशन की मांग: सीएम नायब सैनी ने 7 जनवरी 2025 को ट्रेनिंग अवधि घटाकर 1 वर्ष करने और पूर्ण वेतन देने की घोषणा की थी, लेकिन एक साल बाद भी इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ।
सेवा अवधि में गिनती: ट्रेनिंग को सेवा अवधि में शामिल करने और परीक्षण के दौरान पूरा वेतनमान देने की मांग है।
नोटिफिकेशन नहीं हुआ, तो होगी हड़ताल
टवारी नीतिश के अनुसार वे निदेशक भू अभिलेख से मुलाकात के दौरान नोटिफिकेशन जारी होने की मांग रखेंगे। इसके लिए वे एक समय सीमा का निर्धारण करवाएंगे। अगर उस तय समय सीमा में उनकी बात पर विचार नहीं किया गया, तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे।