राजस्थान हाईकोर्ट में महीने के दो शनिवार को वर्किंग डे घोषित करने के फैसले पर वकीलों के भारी विरोध के बाद पुनर्विचार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा ने मंगलवार को वकीलों के विरोध को देखते हुए 5 जजों की एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का आदेश दिया है।
यह कमेटी बार एसोसिएशन और वरिष्ठ वकीलों से चर्चा कर 21 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। यानी, इसे हाईकोर्ट में शनिवार को सुनवाई के फैसले पर रोक के संकेत के रूप में माना जा रहा है।
वकीलों का तर्क- राष्ट्रपति ही ले सकते हैं फैसला
मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने जोधपुर और जयपुर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में बार के प्रतिनिधियों ने 12 दिसंबर 2025 को जारी उस आदेश का कड़ा विरोध किया, जिसमें हर महीने के दो शनिवार को अदालतों में कामकाज का दिन तय किया गया था।
वकीलों ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट के कार्य दिवसों में बढ़ोतरी का फैसला ‘हाईकोर्ट जजेज (सैलरी एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस) एक्ट, 1954’ की धारा 23-ए के तहत केवल भारत के राष्ट्रपति द्वारा ही लिया जा सकता है। प्रतिनिधियों ने कहा कि पूर्ण पीठ (Full Court) को ऐसा निर्णय लेने का अधिकार नहीं है और यह फैसला बिना वकीलों से सलाह किए लिया गया था।
कमेटी में ये 5 जज शामिल
वकीलों के पक्ष को सुनने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने मामले की समीक्षा के लिए 5 जजों की कमेटी गठित की है। इस कमेटी में जस्टिस समीर जैन, जस्टिस कुलदीप माथुर, जस्टिस अनिल कुमार उपमन, जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित और जस्टिस सुनील बेनीवाल शामिल हैं।
21 जनवरी तक देनी होगी रिपोर्ट
आदेश के अनुसार, यह कमेटी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और बार काउंसिल के चेयरमैन के साथ अलग-अलग बैठकें करेगी। कमेटी को 21 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को सौंपनी होगी। इसके बाद रिपोर्ट को फुल कोर्ट मीटिंग में रखा जाएगा और वहीं अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
बार-बेंच में टकराव की स्थिति के बीच हुई इस अहम बैठक में बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चेयरमैन भुवनेश शर्मा, राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन जोधपुर के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत, निवर्तमान अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद पुरोहित, एडवोकेट्स एसोसिएशन जोधपुर के अध्यक्ष रणजीत जोशी और जयपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने आश्वासन दिया है कि फैसला बार के सर्वोत्तम हित में लिया जाएगा।