अगले महीने यानी 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना थोड़ा महंगा हो जाएगा। सड़क परिवहन मंत्रालय ने फास्टैग (FASTag) एनुअल पास की कीमतों में 2.5% की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। अब प्राइवेट गाड़ी मालिकों को सालाना पास के लिए 3,000 रुपए की जगह 3,075 रुपए चुकाने होंगे। यह पास कार यूजर्स को देशभर के 200 टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर करने की सुविधा देता है।
सालाना रिवीजन के तहत बढ़ी कीमतें
सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, जब फास्टैग एनुअल पास की शुरुआत की गई थी, तभी इसके नोटिफिकेशन में हर साल कीमतों की समीक्षा और बदलाव का प्रावधान रखा गया था। यह बढ़ोतरी उसी सालाना रिवीजन प्रक्रिया का हिस्सा है। देश भर में हाईवे टोल की दरों में बदलाव के लिए जो फॉर्मूला तय है, उसी के आधार पर इस बार 2.5% की वृद्धि की गई है।
52 लाख से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे हैं यह पास
सरकार ने 15 अगस्त से इस खास एनुअल पास की शुरुआत की थी, जिसे उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर रिस्पॉन्स मिला है। अब तक 52 लाख से ज्यादा हाईवे कार यूजर्स इस स्कीम से जुड़ चुके हैं। इस पास की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक साल में कितनी भी बार रिचार्ज कराया जा सकता है और यह लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए काफी किफायती साबित होता है।
31 मार्च तक पुराने रेट पर खरीदने का मौका
अगर आप अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं और इस बढ़ोतरी से बचना चाहते हैं, तो आपके पास अभी मौका है। अधिकारियों ने बताया कि जो यूजर्स 31 मार्च तक अपना पास रिचार्ज करा लेंगे या नया पास खरीदेंगे, उन्हें यह पुराने रेट यानी 3,000 रुपए में ही मिल जाएगा। 1 अप्रैल की सुबह से सिस्टम में नई दरें अपडेट कर दी जाएंगी।
200 टोल प्लाजा पर मिलती है सुविधा
यह एनुअल पास फिलहाल देश के प्रमुख 200 टोल प्लाजा पर मान्य है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि बार-बार टोल टैक्स कटने की झंझट से भी मुक्ति मिलती है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस पास के दायरे में और भी अधिक टोल प्लाजा को शामिल करना है, ताकि कैशलेस इकोनॉमी और स्मूद ट्रैवल को बढ़ावा दिया जा सके।