World Hunger Day 2021: कैसे हुई थी इस दिन की शुरुआत और जानें इस बार के थीम के बारे में

कोरोना काल में जब कई राज्यों में लॉकडाउन लगा हुआ है तब रोज कमाने वाले गरीबों के सामने दो वक्त के खाने के लाले हो गए हैं। हालांकि, कई सामाजिक संगठन, सरकारी संगठन उनकी भूख मिटाने की कोशिशों में लगे हैं। इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि कोरोना से पहले भी देश में हर रात लाखों लोग ऐसे हैं जो भूखे पेट ही सोते हैं। ऐसे हालातों में भी हमारे देश में भारी तादाद में अन्न की बर्बादी होती है। वर्ल्ड हंगर डे पर आइए जानते हैं इस दिन से जुड़ी कुछ जरूरी और अनोखी बातें…

कैसे हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत

हर साल 28 मई को विश्व स्तर पर वर्ल्ड हंगर डे मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत साल 2011 में हुई थी

इस दिन को मनाने का उद्देश्य

इस दिन को मनाने का उद्देश्य दुनिया भर में भुखमरी से ग्रस्त लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस बात में कोई दो राय नहीं कि भारत में हर आदमी को भरपेट भोजन नहीं मिल पाता। यह सही है कि भुखमरी एक वैश्विक समस्या है लेकिन हमें इस बात को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि बहुत से देशों ने सुदृढ़ व सुव्यवस्थित नीतियां बनाकर इससे मुक्ति पाई है, भारत को भी इस दिशा में काम करने की जरूरत है।

वर्ल्ड हंगर डे 2021 की थीम

वर्ल्ड हंगर डे 2021 की थीम है ‘एक्सेस एंड्स हंगर’।

हंगर इंडेक्स में भारत

94वें स्थान पर है भारत 107 देशों की वर्ल्ड हंगर इंडेक्स में

27.2 के स्कोर के साथ उसे गंभीर श्रेणी में रखा गया है

14% देश की आबादी कुपोषित बताई गई है रिपोर्ट में

3.7% है 5 साल से कम। उम्र के बच्चों की डेथ रेट

37.4% बच्चे कुपोषण के कारण बढ़ नहीं पाते हैं

38% बच्चों का विकास रूक गया स्कूल जाने से पहले

609 मिलियन लोग दुनिया में कुपोषित हैं रिपोर्ट के अनुसार

107 देशों में से केवल 13 देश भारत से खराब स्थिति में हैं।

3 देश चाड, तिमोर-लेस्ते और मेडागास्कर भुखमरी के खतरनाक लेवल पर हैं।