पीएम ने कहा- जो सात दशक में नहीं हुआ था, वह सात साल में हुआ; तूफान से निकले हैं, कोरोना से भी जीतेंगे

रविवार को प्रधानमंत्री के रूप में सात साल पूरे कर चुके नरेंद्र मोदी ने हर किसी के सहयोग से कोरोना के खिलाफ जंग में भी विजय हासिल करने का विश्वास जताते हुए कहा कि इन वर्षों में कई चुनौतियां भी आईं और भारत के लिए गौरव के कई क्षण आए। जो सात दशकों में नहीं हो पाया वह सात साल में हासिल हुआ और इसका बड़ा कारण यह था कि सरकार और जनता से भी आगे बढ़कर देश ने एक टीम के रूप में काम किया।

भारत अब दूसरे देशों की सोच और उनके दबाव में नहीं, अपने संकल्प से चलता है

भारत अब दूसरे देशों की सोच और उनके दबाव में नहीं, अपने संकल्प से चलता है। साजिश करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देता है और सामूहिक शक्ति से हर तूफान से बाहर आकर खड़ा होता है। कोरोना से भी हम सब मिलकर जीत हासिल करेंगे।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे

रविवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो गए। यूं तो सरकार की ओर से पहले ही घोषणा कर दी गई थी कि कोरोना के कारण इस बार कोई कार्यक्रम नहीं होगा, लेकिन संयोगवश रविवार को प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का तय दिन था और प्रधानमंत्री ने बहुत संवेदनशीलता के साथ जहां कोरोना की लड़ाई में आगे खड़े योद्धाओं का मनोबल बढ़ाया, वहीं बहुत संक्षिप्त रूप में सात साल की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।

कोरोना योद्धाओं से की बात

‘मन की बात’ की शुरुआत तो उन्होंने आक्सीजन लाने में जुटे टैंकर ड्राइवर, वायुसैनिक, लैब में दिनरात काम कर रहे टेक्नीशियन से बात करके यह संदेश दिया कि यह लड़ाई कई स्तरों पर लड़ी जा रही है। बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने स्तर पर जुटे हैं। ऐसे में कोई सवाल उठाना इन योद्धाओं को निराश करता है। विपक्ष के लिए यह परोक्ष संदेश था क्योंकि ‘मन की बात’ कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने सरकार की खामियों और कोरोना प्रबंधन पर सवाल खड़ा किया था।

सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ मंत्र का किया पालन

मोदी ने सात दशक बनाम सात साल का खाका भी सामने रखा और सारी उपलब्धियों का श्रेय जनता को दे दिया। उन्होंने कहा, ‘जो सात दशक में नहीं हो पाया वह सात साल में इसलिए हुआ क्योंकि हमने सरकार और जनता से आगे टीम इंडिया के रूप में काम किया, हर नागरिक ने एक आध कदम बढ़ाया। यह सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का नतीजा है।’ उन्होंने आगे कहा, जहां सफलताएं होती हैं वहां परीक्षाएं भी होती हैं। कोरोना ने पूरे विश्व को परेशान किया है, लोगों ने अपनों को खोया है। बड़े-बड़े देश भी इस तबाही से बच नहीं पाए। भारत ने पहली लहर में भी हौसले के साथ लड़ाई लड़ी थी और इस बार भी विजयी होगा।

अब साजिश करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देता है भारत

प्रधानमंत्री ने चीन का नाम लिए बगैर कहा, अब भारत अपने खिलाफ साजिश करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देता है. भारत राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर समझौता नहीं करता, जब हमारी सेनाओं की ताकत बढ़ती है तो हमें लगता है कि हां, हम सही रास्ते पर हैं। प्रधानमंत्री ने तो जिक्र नहीं किया, लेकिन विभिन्न मंत्रियों व नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक, अनुच्छेद 370 को रद करना, तत्काल तीन तलाक, ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा, गरीबों के लिए पांच लाख तक स्वास्थ्य बीमा जैसे कई कदमों का जिक्र कर दिया।

21 माह में 4.5 करोड़ घरों में पहुंचाया पानी

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में यह जरूर याद दिलाया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के 70 वर्षों बाद भी कई ऐसे गांव मौजूद थे जहां बिजली और पीने का पानी तक नसीब नहीं था। अब हर किसी तक यह पहुंचाया जा रहा है। पिछले 21 महीनों में ही जिसमें 15 महीने कोरोना के हैं, लगभग साढ़े चार करोड़ घरों में पानी पहुंच गया है।

किसान कर रहे रिकार्ड पैदावार और सरकार रिकार्ड खरीद

प्रधानमंत्री ने कृषि कानून विरोधी आंदोलन का जिक्र तो नहीं किया, लेकिन यह जरूर बताया कि किसान रिकार्ड पैदावार कर रहे हैं और सरकारी स्तर पर रिकार्ड खरीद भी हो रही है। कई जगहों पर तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ज्यादा पैसा मिल रहा है। परोक्ष रूप से यह उन दलों के लिए संदेश था जो आंदोलन को बड़ा मुद्दा बनाना चाह रहे हैं।

एक दिन पहले ही की अनाथ बच्चों के लिए बड़ी घोषणा

एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने उन बच्चों के लिए बड़ी घोषणा की है जिनके माता-पिता कोरोना के कारण चल बसे। साथ ही भाजपा और राजग शासित कई राज्यों ने अपने स्तर पर भी इन बच्चों के लिए कई योजनाएं घोषित की हैं। स्पष्ट है कि फिलहाल राज्य सरकारों की खामी गिनाने से बच रही भाजपा आने वाले दिनों में पलटवार की तैयारी में है।

ये भी बोले प्रधानमंत्री

– महामारी के दौरान देश ने चक्रवात, भूस्खलन व भूकंप समेत कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया और अतीत की अपेक्षा कहीं ज्यादा जिंदगियों को बचाया गया।

– आक्सीजन की मांग में अचानक वृद्धि हुई और यह बहुत बड़ी चुनौती थी। पूर्व में 900 मीट्रिक टन प्रतिदिन आक्सीजन उत्पादन के मुकाबले आक्सीजन उत्पादन 10 गुना बढ़कर 9,500 मीट्रिक टन हुआ।

– ‘किसान रेल’ ने अब तक करीब दो लाख टन उपज की ढुलाई की है। किसान अब बहुत कम लागत पर फल, सब्जियां और खाद्यान्न देश के सुदूरवर्ती इलाकों में भेज सकते हैं।

– शुरुआत में देश में कोरोना वायरस की सिर्फ एक टेस्टिंग लैब थी, लेकिन आज 2,500 से ज्यादा लैब संचालित हैं। आज प्रतिदिन 20 लाख से ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं।

– पूरी शांति और सद्भाव से कई पुराने विवादों का सुलझाया गया है और पूर्वोत्तर से कश्मीर तक शांति व विकास का नया विश्वास पैदा हुआ है।

– डिजिटल लेन-देन में भारत ने दुनिया को नई दिशा दिखाने का काम किया है और सेटेलाइट लांच करने व सड़कों के निर्माण में नए रिकार्ड भी बना रहा है।

– सात साल की उपलब्धियों में जनधन खाते खोलने, रोजगार परक योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान योजना सहित कई अन्य योजनाओं का किया जिक्र।

इन कोरोना योद्धाओं से की बात

दिनेश उपाध्याय – आक्सीजन टैंकर ड्राइवर

श्रीशा गजनी – आक्सीजन एक्सप्रेस की लोको पायलट

ग्रुप कैप्टन पटनायक – एयरफोर्स पायलट

प्रकाश कांडपाल – लैब टेक्नीशियन।