हरियाणा के उपभोक्‍ताओं अब घर बैठे ठीक करा सकेंगे बिजली बिल, निगम का घाटा कम होने से भी राहत की उम्‍मीद

हरियाणा के बिजली निगमों ने उपभोक्‍ताओं को बड़ी सुविधा दी है। बिजली उपभोक्‍ता अब अपना बिल घर बैठे ठीक करा सकते हैं। इससे बिलों में गड़ब़ड़ी को ठीक कराने के लिए उपभोक्‍ताओं को बिजली दफ्तर के चक्‍कर नहीं लगाने होंगे। दूसरी ओर बिजली उपभोक्‍ताओं को जल्‍द ही राहत मिल सकती है। दक्षिण हरियाणा बिजली निगम (DHBVN) के घाटे में कमी आई है। उम्‍मीद की जा रही है इससे उपभोक्‍तओं को बिजली दर या शुल्‍काें में राहत दी जा सकती है।

बिजली वितरण निगमों ने शुरू की ट्रस्‍ट रीडिंग सुविधा

बिजली उपभोक्ता अब घर बैठे अपने बिजली मीटर की रीडिंग संबंधी त्रुटियों को ठीक करवा सकते हैं। इसके लिए बिजली वितरण निगमों द्वारा ट्रस्ट रीडिंग की सुविधा दी गई है। रीडिंग गलत होने की स्थिति में उपभोक्ता आनलाइन माध्यम से विभाग की वेबसाइट पर सही मीटर रीडिंग अपलोड करके बिल ठीक करवा सकते हैं। यह सुविधा घरेलू, गैर घरेलू और एलटी औद्योगिक श्रेणियों (अधिकतम 20 किलोवाट तक लोड) वाले उपभोक्ताओं के लिए है। इसके लिए उपभोक्ता को वेबसाइट www.uhbvn.org.in या www.dhbvn.org.in पर जाना होगा।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम का एटी एंड सी घाटे में कमी आई

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के एग्रीगेट ट्रांसमिशन एंड कमर्शियल (एटी एंड सी) घाटे में इस वर्ष 2.87 प्रतिशत की कमी आई है। निगम के एटी एंड सी लॉसिस पिछले वर्ष की तुलना में 16.50 प्रतिशत से घटकर इस वर्ष 13.63 प्रतिशत के स्तर पर आ गए हैं।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रवक्ता ने बताया कि ए.टी.एंड सी. लॉसिस को कम से कम स्तर पर लाने के लिए निगम द्वारा विशेष अभियान चलाए गए। इसके तहत सभी उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक खपत के अनुसार बिल जारी करवाना और वर्तमान बिल के साथ-साथ बकाया बिल राशि को भरवाने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक किया गया। इसके लिए उपभोक्ताओं में भी बिल भरने के लिए प्रति काफी उत्साह देखा गया। इसके अतिरिक्त सरकारी विभागों से भी बिजली बिल की बकाया राशि भरवाई गई, जिन उपभोक्ताओं ने बिजली बिल की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया, उनके कनेक्शन काटने का अभियान चलाया गया।

उन्होंने बताया कि ए.टी.एंड सी. लॉसिस का एक बड़ा कारण बिजली चोरी भी है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर विशेष टीमें गठित करके बिजली चोरी पकडऩे के अभियान भी चलाए गए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की गई।

प्रवक्‍ता ने बताया कि निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की तत्परता का परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान 48729 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए। उन पर 16298.67 लाख रूपये जुर्माना लगाया गया जोकि पिछले वर्ष से लगभग दोगुना है।  इसमें से इस वर्ष लगभग 8280.79 लाख रूपये जुर्माना राशि वसूल भी हो गई, जिससे निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई। बिजली चोरी पर अंकुश लगने से जहां एक ओर बिजली क्षमता में सुधार हुआ है वहीं दूसरी ओर लाइन लॉस भी कम हुए हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान कोविड-19 महामारी जैसी विषम परिस्थितियों और इसी दौरान विभिन्न सरकारी विभागों से बकाया बिजली बिल की पूरी राशि की अदायगी न होने के बावजूद भी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उत्साहजनक परिणाम दिए हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए ए.टी.एंड सी. लॉस 13.63 प्रतिशत तक लाना बहुत बड़ी उपलब्धि है। लॉसिज कम करने की दिशा में उठाए गए इन कदमों के फलस्वरूप ही दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की स्थिति में सुधार हुआ है।

उन्होंने बताया कि ए.टी.एंड सी. लॉस कम करने के लिए जहां बिजली के बकाया बिलों की अदायगी के लिए और बिजली चोरी न करने के लिए भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं बिजली सुविधाओं को भी बढ़ाया जा रहा है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम अपने उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाने व उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति वचनबद्ध है और उपभोक्ताओं से भी अपील करता है कि चोरी न करें और बिजली बिलों का समय पर भुगतान करते रहे, जिससे उन्हें भी जुर्माना से छुटकारा मिलेगा और निगम आपके लिए और बिजली सुविधाएं देने में सक्षम होगा।