अमेरिका तीन वैक्सीन पर से हटाएगा रक्षा उत्पादन अधिनियम, जानें भारत को क्या होगा फायदा ?

अमेरिका एस्ट्राजेनेका, नोवावैक्स, सनोफी की कोरोना वैक्सीन पर से रक्षा उत्पादन अधिनियम रेटिंग हटाने जा रहा है। व्हाइट हाउस COVID-19 प्रतिक्रिया समन्वयक जेफ जेंट्स ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका एस्ट्राजेनेका, नोवावैक्स और सनोफी की COVID वैक्सीन पर से रक्षा उत्पादन अधिनियम की रेटिंग को हटा देगा।

अमेरिकी सरकार एस्ट्राजेनेका, नोवावैक्स और सनोफी से तीन गैर-अधिकृत वैक्सीन के लिए रक्षा उत्पादन अधिनियम प्राथमिकता रेटिंग हटा रही है क्योंकि अमेरिका अपनी वैक्सीन आपूर्ति को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। उन्होंने कहा- ”जबकि निर्माता इन तीनों कोरोना वैक्सीन को बनाना जारी रखेंगे, यह कार्रवाई यूएस-आधारित कंपनियों को इन वैक्सीन निर्माताओं को अपने स्वयं के निर्णय लेने की अनुमति देगी, जिस पर पहले आदेश को पूरा करना है।

डीपीए रेटिंग इन निर्माताओं को गैर-अमेरिकी उत्पादकों की कीमत पर वैक्सीन बनाने की आपूर्ति तक प्राथमिकता प्रदान करती है। व्हाइट हाउस COVID-19 प्रतिक्रिया समन्वयक ने यह भी कहा कि व्हाइट हाउस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिका गर्मियों के महीनों में अतिरिक्त खुराक दान करना जारी रखेगा क्योंकि आपूर्ति पर्याप्त होगी।

जून के अंत तक अमेरिका कम से कम 8 करोड़ डोज दुनियाभर में देगा

अमेरिकी सरकार ने गुरुवार को अपनी कोरोना वैक्सीन सप्लाई साझा करने की योजना का ऐलान किया। व्हाइट हाउस ने एक बयान में बताय कि किस तरह जून 2021 के अंत तक अमेरिका कम से कम 8 करोड़ डोज दुनियाभर में देगा। पहली 2.5 करोड़ डोज देने का प्लान भी बताया गया है। बाकी की 25 फीसदी सप्लाई दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों में कमी लाने के लिए इस्तेमाल की जाएंगी। बयान में कहा गया कि कई देशों ने अमेरिका से वैक्सीन के लिए निवेदन किया है।

भारत, नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मालदीव, वियतनाम, इंडोनेशिया, जैसे एशियाई देशों को लगभग 70 लाख डोज आवंटित की गई हैं। 50 लाख डोज अफ्रीकी देश भेजी जाएंगी।