Delhi Metro & Unlock 2.0: सोमवार से रफ्तार भरेगी दिल्ली मेट्रो ! लोगों को अरविंद केजरीवाल सरकार की ‘OK’ का इंतजार

Delhi Metro & Unlock 2.0 : देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह 5 बजे लॉकडाउन खत्म हो रहा है।  इस बीच पूरी दिल्ली के अनलॉक होने के कयास लगाए जाने लगे हैं। इसके पीछे बड़ी वजह यह है कि राजधानी में कोरोना संक्रमण के हालात काबू में हैं। कोरोना के मामले तेजी से गिरे हैं और दिल्ली में संक्रमण दर एक फीसद से भी नीचे आ गई है, वहीं कोरोना से ठीक होने वालों की संख् में भी तेजी से इजाफा हुआ है।  इस बीच दिल्ली के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदबाद और गुरुग्राम समेत एनसीआर के सभी शहरों के लोगों ने दिल्ली मेट्रो का परिचालन सोमवार से शुरू होने की उम्मीद जताई है। लोगों का कहना है कि दिल्ली मेट्रो तो दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों की लाइफलाइन है, ऐसे में 7 जून को लॉकडाउन समाप्त करने के साथ इसका संचालन हर हाल में शुरू होना चाहिए। बता तें दि 29 मई को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रदेश में अनलॉक धीरे-धीरे शुरू करने का एलान किया था। इसी के साथ 31 मई से दिल्ली में निर्माण गतिविधियां और फैक्ट्रियां जारी हैं।

लोगों को उम्मीद है कि 7 जून से अनलॉक 2.0 के तहत दिल्ली मेट्रो का परिचालन शुरू होगा। इसके तहत दिल्ली मेट्रो ट्रेन के एक कोच में 50 यात्री ही सफर कर पाएंगे। वहीं, शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए दिल्ली मेट्रो के एक कोच में एक सीट छोड़ कर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करना होगा। मेट्रो स्टेशन में प्रवेश से पहले ही यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। शारीरिक दूरी का पालन नहीं होने पर मेट्रो स्टेशन कुछ देर के लिए बंद किए जा सकते हैं।

गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली में 10 मई से दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) का परिचालन बंद है। इससे पहले जरूरी सेवाओं में लगे लोगों के लिए मेट्रो का संचालन किया जा रहा था। अब मांग की जा रही है कि फिर से दिल्ली मेट्रो के संचालन की शुरुआत जरूरी सेवाओं में लगे लोगों के लिए की जाए। धीरे-धीरे इसमें और पैसेंजरों को जोड़ा जाए।

दिल्ली में 19 अप्रैल से जारी लॉकडाउन से दिल्ली मेट्रो रेल निगम (Delhi Metro Rail Corporation) को भी भारी नुकसान हो रहा है। मार्च 2020 में कोरोना वायरस संक्रमण से पहले दिल्ली मेट्रो की रोजाना कमाई 10 करोड़ रुपये थी, लेकिन इसके बाद लगातार 6 महीने तक बंद रही। दिल्ली मेट्रो को अब तक तकरीबन 4000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा हो चुका है, जिसे पाटने में सालों लगेंगे।