छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी की चपेट में आकर अपनों को खोने वाले 700 लोगों को मिली अनुकंपा नियुक्ति

कोरोना महामारी की चपेट में आकर अपनों को खोने वाले सात सौ लोगों को राज्य सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति दी है। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने अभियान चलाकर मृतकों के स्वजनों को यह राहत दी। विभाग के इस कदम से न केवल कोरोना में असामयिक निधन होने के कारण लगभग आसराहीन हो चुके परिवारों को बल्कि लंबे समय से लंबित प्रकरणों में भी अनुकंपा की राह देख रहे परिवारों को राहत मिली है। 28 मई से चार जून अर्थात केवल एक सप्ताह के भीतर ही 779 पात्र आवेदकों में से 700 आवेदकों को विभिन्न जिलों में सहायक शिक्षक और लिपिक के पद पर नियुक्त किया गया है। आगामी एक सप्ताह में शेष 79 आवेदकों को भी नियुक्ति दिए जाने की तैयारी है।

कैबिनेट बैठक में लिया गया था फैसला

18 मई को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया था। इसके तहत तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए 10 प्रतिशत के सीमा बंधन को 31 मई 2022 तक के लिए शिथिल किया गया था। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को संवेदनशीलता के साथ तेजी से कार्रवाई करते हुए पात्र लोगों को जल्द से जल्द अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के निर्देश दिए थे।

411 शिक्षकों के स्वजन हुए थे प्रभावित

राज्य अनुकंपा नियुक्ति के 518 प्रकरण रिक्त पदों की सीमा निर्धारण के कारण वर्षो से लंबित थे। इसके अलावा कोरोना से 411 शिक्षकों के निधन हो जाने के कारण उनके स्वजन लगभग आसराहीन हो चुके थे। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला और संचालक जितेंद्र शुक्ला ने अनुकंपा नियुक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इसके बाद राज्य के सभी 31 शिक्षा जिलों के 700 पात्र युवाओं को नियुक्ति आदेश प्रदान कर दिया गया। स्कूल शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में शत-प्रतिशत पात्र उम्मीदवारों को इस अभियान के तहत स्कूलों और कार्यालयों में नियुक्त किया जा चुका है।

पुलिस में 25 और वन विभाग में 85 को मिली नियुक्ति

कोरोना काल में जान गंवाने वालों को विभागों में अनुकंपा नियुक्ति दी जा रही है। अब तक पुलिस विभाग में 25 पुलिसकर्मियों के स्वजनों को अनुकंपा नियुक्ति दे दी है। इसी तरह वन विभाग के 85 कर्मियों के स्वजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है।