Deepotsav 2020 in Ayodhya: साकेत महाविद्यालय से न‍िकली भव्य झांकियां, दोपहर बाद आएंगे गवर्नर व सीएम

भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में शुक्रवार का दिन बेहद यादगार होने जा रहा है। यहां पर आज होने वाले भव्य दीपोत्सव का आकार बीते तीन से काफी वृहद और मनभावन होने के साथ बड़ा एतिहासिक भी होगा। शुक्रवार को साकेत महाविद्यालय से भव्य झांकियां निकलने के साथ चौथे दीपोत्सव का मनोहारी आगाज हुआ। रामकथा पर केंद्रित झांकियां श्री राम के जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक की कहानी बयां कर रही थी। रथ की शक्ल में ऐसी 11 झांकियों के बीच देश के विभिन्न प्रांतों से आए चुनिंदा लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से भी समा बांध रहे थे। अयोध्‍या में झांकी शोभा यात्रा की शक्ल में करीब 3 किलोमीटर का सफर तय कर राम कथा पार्क  पहुंचेंगी। लोक नृत्य की 20 टीमें झांकियों के साथ लोक नृत्य कर रही है।

श्रीराम जन्मभूमि में विराजमान रामलला के प्रांगण में 492 वर्ष के बाद दीपावली पर दीप जलेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर अयोध्या जिला प्रशासन के साथ ही योगी आदित्यनाथ सरकार ने कमर कस ली है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ दिन में करीब चार बजे अयोध्या पहुंचेंगे। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी,अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल अयोध्या एयरपोर्ट पहुँच गए हैं । मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल व जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने हवाई पट्टी पर अधिकारियों का स्वागत किया। थोड़ी देर में सीएम योगी व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचेगी।

कड़े पहरे में रामनगरी

रामनगरी अयोध्या को फिलहाल सील कर दिया गया है। स्थानीय लोग लोकल आइडी से शहर में प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। बाहरी को प्रवेश की अनुमति नहीं है। अयोध्या में सभी प्रवेश पॉइंट पर सुरक्षा की दृष्टि से बैरियर लगे हैं। यहां पर बना अनुमति पास के किसी का भी प्रवेश प्रतिबंधित है। अयोध्या धाम आज छावनी में तब्दील हो गया है। आज स्थानीय लोग लोकल आईडी प्रूफ दिखाने के बाद ही प्रवेश पा सकेंगे। राम की पैड़ी व राम कथा पार्क में अब किसी का भी प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। अयोध्या में आज कोई भी वाहन नहीं जा सकेगा। यहां जालपा मंदिर पर ही वाहनों को रोक दिया जाएगा। यहां पर स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी और केंद्रीय पुलिस बल भी तैनात है।

रामजन्मभूमि पर 492 वर्ष बाद मनेगी भव्य दीवाली

राममंदिर के पक्ष में सुप्रीम फैसला आने के बाद 492 वर्ष बाद रामजन्मभूमि परिसर में पहली दीपावली भव्य तरीके से मनाई जाएगी। यहां 15 हजार दीये प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। ये दीये गोबर व मिट्टी से निॢमत होंगे। परिसर के साथ रामलला के गर्भगृह को फूलों से सजाया गया है। जगह-जगह सजी रंगोली अवधी संस्कृति को बयां कर रही है।

हेलिकॉप्टर से होगा भगवान श्रीराम का आगमन

रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम व  माता जानकी का हेलिकॉप्टर से आगमन होगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान राम व माता जानकी का स्वागत करेंगे। अयोध्या मे आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक साथ पहुंचेंगे। यहां पर शाम होते ही श्रीराम जन्मभूमि परिसर समेत पूरी रामनगरी दीयों की रोशनी जगमगा हो उठेगी। क्षीरेश्वरनाथ मंदिर के सामने जन्मभूमि के मुख्य द्वार को पूरे भव्यता के साथ सजाया जाएगा। यहां पर आज दिव्य दीपोत्सव की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करेंगे। इस दौरान वह रामलला का पूजन-अर्चन भी करेंगे। गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने के लिए तैयार दीपोत्सव में प्रज्ज्वलित होने वाले दीपों की गणना के लिए गिनीज बुक की टीम गुरुवार को देर शाम रामनगरी पहुंच गई है। इस बार सरयू नदी के 24 तट पर पांच लाख 51 हजार से अधिक दीपक जलाने का कार्यक्रम है।

राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री का कार्यक्रम

रामकथा पार्क के सामने हेलीपैड पर राजकीय हेलीकाप्टर से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर बाद 3:05 बजे उतरेंगे। इसके बाद 3:10 बजे वह कार से रामजन्मभूमि पहुंचेंगे। यहां 10 मिनट का समय दर्शन-पूजन के लिए है। दर्शन-पूजन के साथ वह रामलला के सम्मुख दीप भी जलाएंगे। इसके बाद वह रामकथा पार्क के लिए कार से रवाना होंगे। 3:30 बजे मुख्यमंत्री रामकथा पार्क के सामने हेलीपैड पर पुष्पक विमान के रूप में हेलीकाप्टर से उतरने वाले श्रीराम और उनके परिकर के अन्य स्वरूपों की अगवानी करेंगे। 3:50 बजे मुख्यमंत्री रामकथा पार्क के मंच पर मौजूद रहेंगे। तब से लेकर सायं 5.30 बजे तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समय श्रीराम के स्वरूप का राज्याभिषेक, दीपोत्सव पर विशेष कवर का अनावरण एवं संबोधन के लिए आरक्षित है। इसके बाद वे राम की पैड़ी प्रस्थान करेंगे। नयाघाट पर आयोजित सरयू आरती में छह बजे तक मौजूद रहेंगे। सायं 6:05 बजे मुख्यमंत्री राम की पैड़ी पर एक साथ जलते 5.51 लाख दीपों, सांस्कृतिक कार्यक्रम व वर्चुअल आतिशबाजी का अवलोकन करेंगे। सायं 7:20 बजे वह वापस रामकथा पार्क पहुंचेंगे और वहां आयोजित रामलीला देखेंगे। आठ बजे सर्किट हाउस के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम सर्किट हाउस में है, जबकि राज्यपाल उत्सव में शामिल होने के बाद शुक्रवार को ही कार से लखनऊ लौट जाएंगी।

वैश्विक क्षितिज पर पुख्ता होगी रामनगरी की पहचान

अयोध्या में दीपोत्सव पर न केवल रामनगरी की विश्व के मानचित्र पर पहचान पुख्ता होगी, बल्कि रामनगरी भी अतीत के गौरवबोझ से भी झूमेगी। यह बोध नगरी के विश्वास में वृद्धि के साथ अपार संभावनाओं का संवाहक भी है। जो दीपोत्सव से प्रतिपादित भी होगा।