हरियाणा में शहरी निकायों की संपत्ति पर काबिज हजारों लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, कलेक्‍टर रेट घटेगा

हरियाणा सरकार ने शहरी निकायों की संपत्ति (मकान-दुकान-प्लाट) पर काबिल लोगों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 20 साल या इससे अधिक समय से संपत्ति पर काबिज लोगों को मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए संबंधित शहरी निकायों में आनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए राज्य सरकार एक वेब पोर्टल तैयार करा रही है। यह वेब पोर्टल 20 जून तक तैयार हो जाने की उम्मीद है। लोगों को आवेदन करने में दिक्कत ने आए, इसकी टेस्टिंग करने के बाद एक जुलाई से नीति लागू कर दी जाएगी। इस योजना के तहत राज्य के करीब 25 हजार लोगों को लाभ मिलने की संभावना है।

हरियाणा सरकार ने कलेक्टर रेट घटाने की नीति को दिया अंतिम रूप

हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहरी निकायों की संपत्ति पर मालिकाना हक दिए जाने संबंधी योजना की घोषणा की थी। इसके लिए राज्य भर से लोग मुख्यमंत्री और शहरी निकाय मंत्री अनिल विज से लगातार मांग कर रहे थे।

सीएम के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन, पूर्व सीपीएस एवं विधायक सीमा त्रिखा, सीएम के राजनीतिक सचिव अजय गौड़, फरीदाबाद के विधायक नरेंद्र गुप्ता, गुरुग्राम के विधायक सुधीर सिंगला और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की पूर्व चेयरपर्सन गार्गी कक्कड़ समेत कई नेताओं ने लोगों की इस मांग को मुख्यमंत्री तथा शहरी निकाय मंत्री तक पहुंचाया। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता से भी इस मांग को लेकर कई व्यापारी मिले थे।

एक जुलाई से लागू होगी योजना, 20 जून तक तैयार हो जाएगा पोर्टल

शहरी निकाय मंत्री रहते कविता जैन ने हालांकि अपने कार्यकाल में इस योजना का खाका तैयार कर लिया था, लेकिन लोग संपत्ति की रजिस्ट्री में कलेक्टर रेट में कमी भी चाहते थे। इसके लिए पिछले दिनों कविता जैन के पति राजीव जैन ने शहरी निकाय मंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र लिखे थे, जिसके बाद योजना की घोषणा हो गई।

पोर्टल की जांच के बाद एक महीने के भीतर करना होगा आनलाइन आवेदन

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने बताया कि निकायों की संपत्ति पर कब्जाधारकों को मालिकाना हक देने के लिए संबंधित संपत्ति के कलेक्टर रेट में अधिकतम 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह नीति एक जुलाई से लागू होगी। इस नीति का लाभ लेने के इच्छुक पात्र कब्जाधारियों को वेब पोर्टल पर निगम के संबंधित आयुक्त, कार्यकारी अधिकारी, संबंधित नगर निकाय के सचिव को एक महीने के भीतर शाम पांच बजे से पहले तक आनलाइन आवेदन करना होगा।

हरियाणा सरकार ने कलेक्टर रेट में छूट का यह निकाला फार्मूला

अनिल विज के अनुसार इस नीति के तहत बड़े पैमाने पर कब्जाधारियों के आवेदन करने की संभावना है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के ऐसे कब्जाधारी, जो 20 साल से अधिक समय से किराया, लीज अथवा लाइसेंस फीस भर रहे हैं, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा तथा इन कब्जाधारियों को संपत्ति की डीड में वर्तमान कलेक्टर रेट पर अधिकतम 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपत्ति 20 वर्ष से अधिक परंतु 25 वर्ष से कम अवधि से है, उन्हें कलेक्टर रेट का 80 प्रतिशत भुगतान करना होगा। जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपत्ति को 25 वर्ष से अधिक परंतु 30 वर्ष से कम हो गए, उन्हें कलेक्टर रेट का 75 प्रतिशत भुगतान करना होगा। जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपत्ति को 30 वर्ष से अधिक परंतु 35 वर्ष से कम हो गए, उन्हें कलेक्टर रेट का 70 प्रतिशत भुगतान करना होगा।

जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपत्ति को 35 वर्ष से अधिक परंतु 40 वर्ष से कम हो गए, उन्हें कलेक्टर रेट का 65 प्रतिशत भुगतान करना होगा। जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपत्ति को 40 वर्ष से अधिक परंतु 45 वर्ष से गम हो गएस, उन्हें 60 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।

शहरी निकायों की ऐसी संपत्ति जिस पर 45 वर्ष से अधिक पंरतु 50 वर्ष से कम अवधि का कब्जा है, उन्हें कलेक्टर रेट का 55 प्रतिशत भुगतान करना होगा। विज ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपत्ति को 50 वर्ष से अधिक की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपत्ति के कलेक्टर रेट का 50 प्रतिशत भुगतान करना होगा।