PMC Bank खाताधारकों के लिए अच्छी खबर, Centrum Financial के हवाले होगा यह बैंक, करीब पौने दो वर्ष बाद हुआ फैसला

घोटालों से धवस्त हुए पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक (PMC Bank) के खाताधारकों के लिए लगभग एक साल नौ महीने के बाद अच्छी खबर सामने आई। आरबीआइ ने एक वित्तीय संस्थान सेंट्रम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (Centrum Financial Services Limited) की तरफ से पीएमसी बैंक के अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सेंट्रम फाइनेंशियल ने पिछले वर्ष के अंत में आरबीआइ (RBI) के पास यह प्रस्ताव भेजा था। इस अधिग्रहण को अमली जामा पहनाने के लिए केंद्रीय बैंक ने सेंट्रम को स्मॉल फाइनेंस बैंक का दर्जा दे दिया गया है। बहरहाल, इस बैंक में फिक्स्ड जमा रखने वाले हजारों ग्राहकों को अब जल्द उनकी राशि मिल सकेगी।

मार्च, 2020 में पीएमसी के पास ग्राहकों की 10,727 करोड़ रुपये की जमा राशि थी, जबकि इसने 4,453 करोड़ रुपये का लोन भी दिया हुआ है। इसकी बैंकिंग गतिविधियों पर आरबीआइ ने सितंबर, 2019 से रोक लगाई हुई है। बाद में पीएमसी में कई तरह की वित्तीय अनिमितताओं का भी पता चला, जिसकी जांच दूसरी एजेंसियां कर रही हैं।

बैंक पर लंबे समय तक फंसे कर्जे (NPA) को छिपाने का भी आरोप है। पीएमसी के पूर्व सीईओ जॉय थॉमस ने यह स्वीकार किया था कि कुल वितरित लोन का 70 फीसद सिर्फ एचडीआइएल (HDIL) समूह को दिया गया था। लोन वितरण के लिए फर्जी खाते खोले गए थे।

आरबीआइ ने पीएमसी बैंक के संचालन पर रोक लगाते हुए शुरू में इसके ग्राहकों को सिर्फ 1,000 रुपये निकालने की अनुमित दी थी जिसको लेकर काफी राजनीतिक विवाद भी हुआ था। बाद में ग्राहकों को ज्यादा राशि निकालने की छूट मिली थी। सूचना है कि सेंट्रम फाइनेंशियल भारत-पे नाम की एक प्रमुख पेमेंट पोर्टल के साथ मिल कर पीएमसी का संचालन करेगी।

पीएमसी घोटाले के बाद केंद्र सरकार ने बैंकिंग नियमों में कई तरह के बदलाव वाले कदम उठाए थे। सबसे पहले शहरी सरकारी बैंकों पर नियमन को सख्त किया गया और इन्हें सीधे तौर पर आरबीआइ के दायरे में लाने की व्यवस्था की गई। साथ ही बैंकों में जमा राशि की बीमा सुरक्षा एक लाख रुपये से बढ़ा कर पांच लाख रुपये करने का एलान भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से किया गया था।

बहरहाल, आरबीआइ की सैद्धांतिक अनुमति मिलने के बाद भी अभी यह नहीं बताया गया है कि सेंट्रम फाइनेंशियल को पीएमसी के अधिग्रहण के लिए कितनी राशि देनी पड़ेगी और बैंक के किन-किन दायित्वों का बोझ उस पर डाला जाएगा। मोटे तौर पर पीएमसी की सारी संपत्तियां और दायित्व सेंट्रम को स्थातांतरित होंगी।