कोरोना संक्रमण ने ली शीर्ष नक्सली कमांडर हरिभूषण की जान, छत्तीसगढ़ पुलिस ने की पुष्टि

शीर्ष नक्सली कमांडर और तेलंगाना राज्य समिति के सचिव यापा नारायण उर्फ हरिभूषण की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हो गई। सोमवार रात बीजापुर-सुकमा  सीमा क्षेत्र में हरिभूषण के मौत की पुष्टि छत्तीसगढ़ पुलिस ने की। बस्तर के इंस्पेक्टर जनरल (IG) पी सुंदरराज (P Sundarraj) के अनुसार पिछले कुछ दिनों से बस्तर पुलिस को इस तरह की जानकारी मिल रही थी कि तेलंगाना स्टेट कमेटी सेक्रेटरी हरिभूषण समेत कुछ सीनियर नक्सल कैडर कोरोना संक्रमण के चपेट में है और इनकी हालत गंभीर है। कुछ विश्वस्त सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि 21 जून को हरिभूषण की मौत मिनागुरम-भट्टीगुडम-जाबागट्टा जंगलों में हो गई। यह इलाका बीजापुर सुकमा जिले की सीमा पर है।

हरिभूषण के लिए 40 लाख रुपये का इनाम था। सुंदरराज के अनुसार हरिभूषण इन दिनों बीजापुर-सुकमा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के मिनागुरम-भट्टीगुडम-जबगट्टा गांव के जंगलों में था जहां उसकी मौत हुई। इंस्पेक्टर जनरल ने यह भी बताया कि हरिभूषण छत्तीसगढ़ में 22 से अधिक मामलों में शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि हरिभूषण को यापा नारायण, जगन और दुर्योधन के नाम भी जाना जाता था। उनके अनुसार हरिभूषण तेलंगाना के महबूबनगर के मेदागुडम गांव का निवासी था एवं उसपर 40 लाख रुपये से अधिक का इनाम है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इससे पहले दिसंबर 2019 में दक्षिण बस्तर क्षेत्र में केंद्रीय समिति के सदस्य और डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सचिव रमन्ना का बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी जबकि पिछले कुछ सप्ताह के दौरान कमेटी के दो वरिष्ठ सदस्यों गंगा और शोभरोई की भी कोविड-19 संक्रमण के कारण मृत्यु हुई है। सुंदरराज ने आगे बताया कि नक्सली नक्सली शिविरों में कोरोना संक्रमण के कारण स्थिति चिंताजनक है तथा पिछले कुछ महीनों में कोरोना वायरस के कारण 16 से अधिक वरिष्ठ और मध्यम स्तर के नक्सलियों की मौत हुई है। कई अन्य नक्सली संक्रमित हैं।