Delhi Monsoon Rain 2021: दिल्ली की तरफ बढ़ रहे मानसून की रफ्तार पर जानिये- किसने लगाई रोक?

दिल्ली-एनसीआर के साथ हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश में गर्मी और उमस से लोगों का बुरा हाल है। रोजाना सुबह से लेकर शाम तक उमस और गर्मी दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों लोगों को परेशान कर रही है। इस बीच दिन में धूप के साथ गर्म हवाओं ने भी लोगों की तकलीफ थोड़ी बढ़ा दी है। पंजाब और हरियाणा को छूकर निकल जाने वाला मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी जमकर बरसा, लेकिन देश की राजधानी से बगल से होकर निकल गया। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मानसून की बारिश के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा, इस बीच गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार कम ही हैं।मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, पश्चिमी हवाएं उत्तर पश्चिम भारत के बाकी के हिस्सों में कुछ दिनों के लिए मानूसन को पहुंचने से रोक रही हैं। इनके कम से कम एक हफ्ते तक और रहने की उम्मीद है।

मानसून के लिए अभी करना होगा इंतजार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि कहने को तो शनिवार को भी बारिश की संभावना है, लेकिन इससे गर्मी और उमस से राहत मिलने के बेहद कम आसार हैं। वहीं, गर्मी और उमस के बावजूद शुक्रवार को अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 28 व 38 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। शनिवार को भी बारिश की संभावना है। हालांकि इसे मानसून की बारिश नहीं कहा जा सकता। मानसून के लिए अभी कई दिन और इंतजार करना होगा।

सामान्य तौर पर 8 जुलाई तक दिल्ली में पहुंचता है मानसून

उधर, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव की मानें तो दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में 26 जून के आसपास हल्की बारिश का अनुमान है। वहीं, मानसून की बारिश के लिए अभी और इंतजार करना होगा। मौसम विभाग ने पहले पूर्वानुमान जताया था कि राजधानी दिल्ली में निर्धारित कार्यक्रम से 12 दिन पहले 15 जून तक मानसूनी हवाएं चल सकती है। सामान्य तौर पर मानसून 27 जून तक दिल्ली पहुंचता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंचता है।

जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में दस्तक देगा मानसून

उधर, एक निजी पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर ने बताया कि पिछले साल 25 जून को दिल्ली में मानसूनी हवाएं चली थीं और 29 जून तक पूरे देश में पहुंच गई थीं। इस बार दिल्ली में जून के अंत के आसपास ही मानूसन की बारिश होने की संभावना है।