12वीं की कॉपियां अब डिजिटल तरीके से चेक होंगी:13 फरवरी तक टीचर्स का डेटा अपडेट करना जरूरी, CBSE लाएगा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अब परीक्षा मूल्यांकन में डिजिटल क्रांति लाने जा रहा है। 2026 की परीक्षाओं से शुरू होकर कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) से होगी।

बोर्ड ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड का मानना है कि इससे न सिर्फ गलतियां कम होंगी, बल्कि समय और पैसे की भी बड़ी बचत होगी। देशभर से कक्षा 11वीं और 12वीं पढ़ाने वाले टीचर्स का पैनल तैयार करने के लिए उनका डिटेल मांगा गया है।

सीबीएसई के एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज के जारी आदेश के मुताबिक, बोर्ड हर साल भारत और 26 देशों में कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है, जिसमें करीब 46 लाख छात्र हिस्सा लेते हैं। समय की बचत और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से ये फायदा होगा।

  • अंकों की टोटलिंग में होनी वाली गलतियां नहीं होगी, ये ऑटोमेटिक होगा, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा। ज्यादा टीचर्स की भागीदारी से फास्ट मूल्यांकन होगा।
  • उत्तर पुस्तिकाओं का ट्रांसपोर्ट नहीं, टीचर्स अपने स्कूलों में रहकर ही कॉपियां चेक कर सकेंगे।
  • रिजल्ट के बाद मार्क्स वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं, मानव संसाधन कम लगेगा।
  • हर स्कूल को योगदान का मौका मिलेगा। पेपरलेस प्रक्रिया से पर्यावरण को फायदा।
  • परिवहन समय और लागत में बचत होगी। शिक्षक अपने विद्यालयों में रहकर अपने नियमित कर्तव्यों का पालन कर सकेंगे। परिणाम के बाद अंकों के वेरिफेकेशन की आवश्यकता नहीं होगी।

स्कूलों को ये व्यवस्थाएं करनी होगी

ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) के लिए स्कूलों को हाई-टेक सेटअप तैयार करना पड़ेगा

सार्वजनिक स्टेटिक IP वाला कंप्यूटर लैब।

विंडोज OS 8 या उससे ऊपर, कम से कम 4 GB RAM और C ड्राइव पर 1 GB फ्री स्पेस वाला PC/लैपटॉप।

लेटेस्ट इंटरनेट ब्राउजर (क्रोम, एज, फायरफॉक्स) और एडोब रीडर।

कम से कम 2 MBPS की स्टेबल इंटरनेट कनेक्टिविटी।

बिना रुकावट वाली बिजली सप्लाई।

13 फरवरी तक डेटा अपडेट करना होगा

सीबीएसई की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार कक्षा 11वीं और 12वीं के सभी टीचर्स को OSM मूल्यांकन के लिए तैनात किया जाएगा। मूल्यांकन शुरू होने से पहले उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी, और लॉगिन क्रेडेंशियल (OTP सहित) उनके ईमेल और मोबाइल पर भेजे जाएंगे। इसके लिए OASIS पोर्टल पर टीचर्स का डेटा अपडेट करना जरूरी है इसमें नाम, विषय, अनुभव, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल ID आदि अपडेट करना होगा।

स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि अगर डेटा पहले से अपडेट नहीं है, तो 13 फरवरी 2026 शाम 4 बजे तक कर लें। नहीं तो संबंधित स्कूल का रिजल्ट रोका जा सकता है। CBSE ने चेतावनी दी है कि कोई भी लापरवाही मूल्यांकन प्रक्रिया को बिगाड़ने का प्रयास मानी जाएगी, और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई होगी।

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