भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के वकील माइकल पोलाक के खिलाफ ब्रिटेन में केस दर्ज

भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के वकील माइकल पोलाक के खिलाफ इंग्लैंड और वेल्स के सॉलिसिटर रेगुलेशन अथॉरिटी (SRA) में उनके मुवक्किल के मामले के बारे में उनके दावे के लिए कोई सबूत नहीं होने के लिए शिकायत दर्ज की गई है। राइटअप 24 के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि पोलाक के पास मीडिया को बताई गई बातों का कोई सबूत नहीं था। उन्होंने चोकसी के संदिग्ध अपहरण के संबंध में स्कॉटलैंड यार्ड और युद्ध अपराध इकाई में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार यूनाइटेड किंगडम में एक क्लाइंट का केवाईसी (know your customer) करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसा प्रतीत होता है कि पोलक अपने क्लाइंट चोकसी का केवाईसी और एएमएल (एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग) जांच करने में विफल रहे, जो भारत द्वारा घोषित वांछित धोखेबाज है।

राइटअप 24 ने आगे कहा कि एसआरए पोलक और उनकी कंपनी के खिलाफ केवाईसी, एएमएल, धन के स्रोत और पेमेंट गेटवे को लेकर जांच शुरू कर सकता है, जिसमें उन्हें डोमिनिका में गिरफ्तार चोकसी द्वारा भुगतान किया गया है। इसके साथ ही, जस्टिस एब्रॉड लिमिटेड बगैर उचित सबूत प्रस्तुत किए बिना कई लोगों को बदनाम करने को लेकर उनके बयानों और प्रकाशनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है।

चोकसी पर वर्तमान में डोमिनिका में मुकदमे चल रहा है। वह 23 मई को एंटीगुआ से लापता हो गया था और डोमिनिका में पकड़ा गया था। भारत में प्रत्यर्पण से बचने के संभावित प्रयास में एंटीगुआ और बारबुडा से कथित रूप से भाग जाने के बाद पुलिस द्वारा उस पर डोमिनिका में अवैध प्रवेश का आरोप लगाया गया था। लंदन स्थित ला फर्म जस्टिस एब्राड ने चोकसी को कथित रूप से अगवा किए जाने का दावा करते हुए कुछ वीडियो और फोटो सार्वजनिक किए थे। वहीं एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने मंगलवार को कहा कि उन्हें ऐसे किसी पुख्ता सुबूत की जानकारी नहीं है कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को अगवा कर डोमिनिका ले जाया गया। 62 वर्षीय भगोड़ा पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में भारत में वांछित है।