PM Modi Ayodhya Review: PM नरेंद्र मोदी के सामने आज अयोध्या का विजन डॉक्यूमेंट पेश करेंगे CM योगी आदित्यनाथ

रामनगरी अयोध्या के विकास के प्रति बेहद गंभीर प्रधानमंत्री शनिवार को दिन में वर्चुअल माध्यम से अयोध्या में अब तक हुए विकास कार्य की समीक्षा करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी के समक्ष सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या का विजन डाक्यूमेंट पेश करेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ उनकी कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्री और अयोध्या जिला प्रशासन के सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम मोदी की समीक्षा बैठक में वर्चुअल माध्यम से लखनऊ से बैठक में जुड़ेंगे। उनके साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, आशुतोष टंडन, डॉ. महेंद्र सिंह तथा स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री नील कंठ तिवारी भी रहेंगे। मुख्य सचिव आरके तिवारी, नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबेे, पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। अयोध्या के जिलाधिकारी के साथ ही विकास प्रा

समीक्षा बैठक में अयोध्या के सौंदर्यीकरण पर विस्तार से चर्चा होने के साथ ही यहां बनने जा रही भगवान राम की भव्य प्रतिमा को लेकर विचार होगा। इसके साथ कुछ ऐसी परियोजनाओं पर भी प्रकाश डाला जाएगा जिनके जरिए अयोध्या को हेरिटेज सिटी बनाने पर जोर रहा है। ऐसे में विजन प्रेजेंटेशन के दौरान उस पहलू पर बातचीत भी हो सकती है।

बैठक में अब होंगे 15 लोग

प्रधानमंत्री की वर्चुअल बैठक में अब 15 लोग शामिल होंगे । हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त अजय चौहान और अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह का नाम जुड़ा। पहले मुख्यमंत्री के साथ दोनों उ पमुख्यमंत्री और पांच मंत्रियों का नाम था।

धिकरण के उपाध्यक्ष भी इस बैठक से जुड़ेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस संक्रमण की पहली लहर कम होने के बाद बीती पांच अगस्त को रामनगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का भूमि पूजन किया था। अयोध्या के विकास कार्य पर बराबर नजर रखने वाले पीएम मोदी शनिवार को यहां पर चल रहे विकास कार्य की समीक्षा भी करेंगे। वर्चुअल होने वाली समीक्षा बैठक में लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। बैठक में प्रधानमंत्री एक-एक योजना की प्रोग्रेस रिपोर्ट जानेंगे।

रामनगरी अयोध्या के समग्र विकास को लेकर तैयार विजन डाक्यूमेंट पर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। रामनगरी के विकास को लेकर तैयार योजनाओं का पीएम मोदी के समक्ष वर्चुअल प्रस्तुतीकरण होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामनगरी के विकास को पीएम मोदी की मंशा के अनुरूप आकार देना चाहते हैं। इसी कारण पीएम मोदी समक्ष प्रस्तुत करने से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ की निगरानी में विजन डाक्यूमेंट को शुक्रवार को फाइनल टच दिया गया। इसमे में कुल 18 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रूपरेखा खींची गई है। इनमें से भी 16 परियोजनाओं की विस्तृत कार्ययोजना अगस्त तक पूरी करने का लक्ष्य है। विजन डॉक्यमेंट की तैयारी को लेकर अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह सहित कई अधिकारी बुधवार से ही लखनऊ में हैं।

कैच द रेन’ पर भी काफी काम

इस बीच रामनगरी के सुंदरीकरण की कुछ योजनाओं पर कार्य शुरू हो गया है, जिसमें हाईवे का सुंदरीकरण प्रमुख है। फ्लाईओवर की दीवारों पर रामायण के प्रसंग उकेरे जा चुके हैं। हाईवे के डिवाइडर पर पौधरोपण का कार्य आरंभ है। प्रधानमंत्री की महात्वाकांक्षी योजना कैच द रेन के तहत, जहां तीन जलाशयों के पुनरोद्धार को विजन डाक्यूमेंट में स्थान दिया गया है। वहीं पर्यावरण संरक्षण के लिए रामायण कालीन वृक्षों से रामनगरी की धरा को आच्छादित किया जाएगा। व्यापार रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने का विजन भी तैयार किया गया है। 24 मीटर से लेकर 40 मीटर चौड़े मार्गों की परिकल्पना शामिल की गई है। विजन डाक्यूमेंट बनाने वाली ग्लोबल कंसल्टेंट एजेंसी ली एसोसिएट्स, सीपी कुकरेजा और एलएंडटी के विशेषज्ञों ने साधु-संतों, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट व जनप्रतिनिधियों सहित पांच सौ से अधिक लोगों की राय लेकर इसे आकार दिया है।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की निर्माण समिति के अध्यक्ष पूर्व नौकरशाह नृपेंद्र मिश्र ने बीते दिनों अयोध्या का दौरा करने के बाद मंदिर निर्माण की प्रगति तथा अयोध्या के विकास कार्य का ब्यौरा तैयार किया था। उनकी रिपोर्ट भी प्रधानमंत्री के पास पहुंची है। प्रधानमंत्री मोदी की शनिवार को समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अयोध्या के विकास से जुड़े तमाम अधिकारी भी मौजूद रहेंगे और पीएम नरेंद्र मोदी को अयोध्या में अब तक के हुए विकास कार्यों की रिपोर्ट सौंपेंगे। बैठक में अयोध्या के जिलाधिकारी, नगर आयुक्त तथा विकास प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों और आवास विकास परिषद के साथ पर्यटन के अधिकारियों से पर्यटकों को धामकता के साथ आधुनिकता व प्रदूषण मुक्त करने की योजना की जानकारी लेने के साथ- साथ अन्य विकास योजनाओं पर चर्चा करेंगे।

समग्र विकास के लिए तीन लक्ष्य तय

  1. प्रथम लक्ष्य-आध्यात्मिक नगर, ज्ञान केंद्र, उत्सवधर्मी नगर, तीर्थयात्रियों की सुविधा के अनुरूप अवसंरचना विकास।
  2. द्वितीय लक्ष्य-पर्यटन का विविधीकरण, हब एंव स्पोक्स सॢकट, ऐतिहासिक नगर परिपथ एवं धरोहर स्थलों का भ्रमण, पर्यावरणीय संसाधनों का अनुप्रयोग तथा सरयू तटीय सौंदर्यीकरण, अयोध्या की विशिष्टताओं की ब्रांडिंग, सुगम परिवहन एवं यात्री सुविधा।
  3. तृतीय लक्ष्य-सुविधायुक्त सामुदायिक आवासन, हरित एवं सौर नगर, सुगम परिवहन व्यवस्था, आधुनिक अवस्थापना विकास, क्षेत्र के भावी विकास की व्यूहरचना।

अयोध्या मेन स्पाइन रोड, राममंदिर तक जाने वाले रास्ते, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग, भव्य अयोध्या ग्रीन फील्ड टाउनशिप, प्रवेश बिंदुओं पर भव्य द्वार, छह प्रवेश द्वारों पर तीर्थयात्री आवास सुविधा केंद्र, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पर्यटन सुविधा केंद्र, अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय, स्मार्ट रोड, सरयू रिवर फ्रंट, पांच जलस्रोतों का कायाकल्प, इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, मल्टीलेवल कार पार्किंग, पशु बचाव और पुनर्वास परियोजना, रिंग रोड विकास, सोलर सिटी, वाल्मीकि रामायण कालीन पौधारोपण।