सफाई संग सेहत सुधार रहीं ये दीदियां, कचरे से कंपोस्ट बना घर-घर पहुंचा रहीं

अंबिकापुर की स्वच्छता दीदियां घर-घर से कचरा एकत्रित करने के दौरान ही नगर निगम के कचरा प्रबंधन केंद्र में तैयार वर्मी कंपोस्ट की बिक्री भी कर रही हैं। इससे शहर में बागवानी करने वाले लोग अब रसायन युक्त खाद के बजाय कंपोस्ट का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सब्जियां जैविक रूप से तैयार हो रही हैं। 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में अंबिकापुर को देश में नंबर एक बनाने में स्वसहायता समूह की इन स्वच्छता दीदियों की अहम भूमिका की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। अब यह ‘बेस्ट आउट आफ वेस्ट’ का एक सफल उदाहरण पेश कर रही हैं। इस तरह इन्होंने अपने काम से ही आमदनी का एक और जरिया भी तैयार कर लिया है।

सालिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएलआरएम) के तहत इन दीदियों द्वारा प्रतिदिन घर-घर से कचरा एकत्र किया जाता है। कचरा प्रबंधन केंद्र में रसोई के कचरे का प्रयोग वर्मी कंपोस्ट तैयार करने में किया जा रहा है। कृषि विभाग की प्रयोगशाला में नियमित रूप से कंपोस्ट की जांच की जाती है ताकि गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत ना रहे। नगर निगम के कचरा प्रबंधन केंद्रों में स्वसहायता समूह की दीदीओं ने अब तक लगभग 1,200 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट तैयार किया है, जिसमें से आठ क्विंटल बिक भी चुका है। 15 रुपये किलो की दर से दो किलो का पैकेट 30 रुपये में ये उपलब्ध कराती हैं। इस तरह का नवाचार करने वाला अंबिकापुर छत्तीसगढ़ का पहला शहर है।

बंद कर दिया रासायनिक खाद का उपयोग: अंबिकापुर के केदारपुर निवासी रेणुका सैनी बताती हैं कि उन्हें उद्यानिकी का शौक है। गमलों में काफी संख्या में पौधे लगाए हैं। इनमें धनिया व सब्जियां भी उगाई हैं। इनमें पहले रासायनिक खाद का उपयोग करती थीं, मगर अब वर्मी कंपोस्ट के इस्तेमाल से भोजन का स्वाद बदल गया है। पौधों की रंगत भी सुधर गई है। रेणुका की तरह कई अन्य लोगों ने भी ऐसी ही प्रतिक्रिया दी है।

वर्मी कंपोस्ट के उपयोग के हैं अनेक फायदे

  • सूक्ष्म जीव, एंजाइम, विटामिन व पौधों की वृद्धि में सहायक हार्मोन प्रचुर मात्र में पाए जाते हैं
  • मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है
  • मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है
  • मिट्टी में जलधारण क्षमता बढ़ती है
  • मिट्टी का उपयुक्त तापक्रम बनाए रखने में सहायक
  • इससे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश व अन्य सूक्ष्म द्रव्य पौधों को जल्द उपलब्ध हो जाते हैं

अंबिकापुर नगर निगम आयुक्त प्रभाकर पांडेय ने बताया कि अंबिकापुर शहर में बागवानी के शौकीन लोगों की काफी संख्या है। शहर में करीब 29 हजार परिवार हैं, जिनमें से 70 फीसद से अधिक घरों में लोग बागवानी करते हैं। नगर निगम से उपलब्ध कराए जा रहे वर्मी कंपोस्ट को लोग हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।