मेरे पास शब्द नहीं हैं, यशपाल का जाना बड़ा सदमा, उनके भरे जोश से टीम ने जीता विश्वकप- किरमानी

भारतीय क्रिकेट को मंगलवार 13 जुलाई की सुबह एक बेहद दुखी करने खबर मिली। 1983 के विश्व कप विजेता टीम के नायक यशपाल शर्मा का महज 66 साल की उम्र में निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने की वजह से वह हमे छोड़कर चले गए। विश्व कप विजेता टीम में उनके साथी दिग्गज विकेटकीपर सैयद किरमानी ने यशपाल का जाना एक सदमा बताया।

इस महान क्रिकेटर के निधन से पूरा देश ही स्तब्ध है और संवेदना जता रहा है। यशपाल के साथ लंबे समय तक खेले और विश्व कप जैसी यादगार जीत के लम्हे के जीने वाले किरमानी ने इसे बहुत बड़ी क्षति बताया। दैनिक जागरण से बात करते हुए उन्होंने यशपाल की पत्नी रेणु और उनके बच्चों के लिए अपनी बाते कही।

किरमानी ने कहा, “इस वक्त तो मैं सदमे में हूं और मेरे पास कोई भी शब्द नहीं। मैं बता नहीं सकता कि इस खबर को सुनने के बाद से मैं कितना ज्यादा शॉट में हूं। हमारे बीच से एक जिंदादिल हंसता मुस्कुराता हमेशा खुश रहने वाला इंसान चला गया। एक ऐसा शख्स जो हर दम लोगों को प्रेरणा देता था वह अब हमारे बीच नहीं रहा। यह बात सोचकर भी अजीब लग रहा है।”

हाल ही में यशपाल ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया था कि 1983 की टीम एक परिवार जैसी थी। इस पर किरमानी ने कहा, “हां बिल्कुल हमारा तो परिवार जैसा ही रिश्ता था। एक भी दिन ऐसा नहीं जाता था जब हम आपस में एक दूसरे की खबर नहीं लिया करते थे। हमारे हर दिन ही उनका मैसेज आता था कि किर्री भाई आप कैसे हैं, आपका स्वास्थ कैसा है। आप अपना ध्यान रखें, खाने पीने पर अच्छे से ध्यान दें।”

1983 विश्व कप में यशपाल ने टीम के अंदर जोश भर रखा था इसको लेकर किरमानी जी ने कहा, “वह सिर्फ एक कमाल के खिलाड़ी ही नहीं थे बल्कि मोटिवेटर भी थे। उनके अंदर टीम को जोश दिलाने की गजब की प्रतिभा थी। वह विश्व कप के दौरान हर किसी के अंदर जोश भरते थे और हर मैच में टीम के जीत का इरादा और भी ज्यादा बढ़ जाता था।”