जब सौरव गांगुली ने लंदन के लॉर्ड्स में लहराई टीशर्ट, बाद में हुआ था पछतावा

भारतीय टीम ने आज ही के दिन यानी 13 जुलाई को साल 2002 में इंग्लैंड को उसी के घर में नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में हराया था। ये मैच भारत के लिए जीतना आसान नहीं था, क्योंकि भारत के सामने एक विशाल लक्ष्य था और अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद टीम का मध्यक्रम लड़खड़ा गया था। इस त्रिकाणीय सीरीज के फाइनल में जीत हासिल करने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को काफी मेहनत करनी पड़ी और जब एक बार भारत खिताबी मैच जीत गया तो टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने अपनी टीशर्ट को हवा में लहराया था।

दरअसल, भारत, श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच नेटवेस्ट ट्रॉफी खेली गई। इसके फाइनल मैच में 13 जुलाई को लंदन के लॉर्ड्स पर भारत और मेजबान इंग्लैंड का सामना हुआ। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी और स्कोरबोर्ड पर 325 रन लगा दिए, जिसमें कप्तान नासिर हुसैन की 115 और मार्कस ट्रेसकोटिक की 108 रन की पारी शामिल थी। 40 रन एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने भी बनाए थे। भारत के लिए जहीर खान ने 3 विकेट झटके थे, जबकि एक-एक सफलता आशीष नेहरा और अनिल कुंबले को मिली थी। भारत को सिर्फ पांच ही विकेट मिले थे।

उधर, 326 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 14.3 ओवर में 106 रन जोड़े। यहां सौरव गांगुली 60 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद वीरेंद्र सहवाग 45 रन, दिनेश मोंगिया 9 रन, राहुल द्रविड़ 5 रन और सचिन तेंदुलकर 14 रन बनाकर आउट हुए। 40 रनों के अंदर भारत की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। अब क्रीज पर युवराज सिंह के साथ मोहम्मद कैफ थे, जिनको अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का उतना अनुभव नहीं था।

हालांकि, कैफ और युवराज के बीच 121 रन की साझेदारी हुई, जिसने जीत की उम्मीद जगाई। इस बीच युवराज 69 रन की पारी खेलकर आउट हो गए। हालांकि, कैफ एक छोर पर जमे रहे और उन्होंने हरभजन सिंह (15 रन) और जहीर खान (4 रन) के साथ छोटी-छोटी साझेदारियां कर टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया और फिर जहीर खान ने विनिंग शॉट लगाकर भारत को 2 विकेट से जीत दिला दी। इस जीत के ठीक बाद कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी में अपनी टीशर्ट उतारकर ऐसे फहराया, जैसे वे कोई झंडा फहरा रहे हों।

दरअसल, सौरव गांगुली के टीशर्ट उतारने की वजह एंड्रयू फ्लिंटॉफ थे, जिन्होंने भारत के खिलाफ मुंबई वनडे मैच में उस समय टीशर्ट हवा में लहराई थी, जब इंग्लैंड ने 6 मैचों की सीरीज को बराबर कर लिया था। वहीं, गांगुली ने इसका जवाब देना उचित समझा और नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल जीतकर अपनी टीशर्ट हवा में लहराई। हालांकि, एक दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बाद उनको इस बात का अफसोस भी हुआ, क्योंकि उनका मानना था कि जश्न मनाने के और भी तरीके हो सकते थे।

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने आत्मकथा ‘ए सेंचुरी इज नॉट एनफ’ में अपने क्रिकेट करियर की रोचक घटनाओं के बारे में लिखा है। इसी किताब में उन्होंने नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल का भी जिक्र किया है और अपने टीशर्ट उतारने के बारे में भी लिखा। गांगुली ने लिखा कि फाइनल मैच में जीत को लेकर टीम काफी उत्साहित थी और जहीर खान के विनिंग शॉट लगाते ही मैं अपने आपको रोक नहीं सका। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि टीशर्ट उतारकर सेलिब्रेट करना सही नहीं था। जीत का जश्न मनाने के लिए और भी कई तरीके थे।

गांगुली ने किताब की लॉन्चिंग से पहले एक बयान में कहा था कि उन्होंने टीशर्ट उतारकर एंड्र्यू फ्लिंटॉफ को जवाब दिया था। गांगुली ने बताया कि जब 2002 में इंग्लैंड की टीम भारत आई थी, तो एंड्र्यू फ्लिंटॉफ ने यह काम किया था। इसके बाद लॉर्ड्स में फाइनल मुकाबला जीतने के बाद मैंने भी कुछ ऐसा ही किया। हालांकि, इस घटना के बाद इसे लेकर काफी पछतावा हुआ और मैं आज तक इस बात का अफसोस कर रहा हूं। रियल लाइफ में मैं इस तरह का इंसान नहीं हूं। खुशी जाहिर करने के और भी तरीके थे, लेकिन क्रिकेट का जुनून मुझ पर इस कदर हावी था कि मैंने फ्लिंटॉफ को उन्हीं के अंदाज में जवाब देना बेहतर समझा।