बड़ी खबर: मारुति हरियाणा में 900 एकड़ में लगाएगी दो बड़े प्लांट, दुष्यंत ने पलायन की बात को नकारा

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला के मारुति डिजायर के हरियाणा से पलायन के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार ने स्पष्ट किया है कि मारुति करीब 900 एकड़ जमीन में जल्द ही दो बड़े प्लांट लगाने जा रही है। मारुति ने खरखौदा में 800 एकड़ जमीन अपनी कंपनी की गाड़ियां बनाने के लिए तथा 100 एकड़ जमीन सुजुकी की बाइक बनाने के लिए लेने की इच्छा जाहिर की है। इसके अलावा गाड़ियों की बैटरियां बनाने वाली दो बड़ी कंपनियों ने भी हरियाणा में निवेश करने की इच्छा जाहिर की है।

हरियाणा के उद्योग मंत्री के नाते डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा, ”रणदीप सुरजेवाला को मैं कांग्रेस में इकलौता पढ़ा लिखा आदमी मानता हूं, लेकिन मारुति डिजायर के हरियाणा से पलायन को लेकर दिया गया उनका बयान न केवल बचकाना बल्कि अपरिपक्व है।” दुष्यंत के अनुसार अक्सर ऐसा होता है कि कोई कंपनी यदि चीन स्थित प्लांट में उत्पादन करती है और वह जापान में अपना कार्यालय शिफ्ट कर ले तो इसे कंपनी का पलायन नहीं कहा जा सकता। यही स्थिति हरियाणा में मारुति को लेकर है।

दुष्यंत ने कहा कि सुरजेवाला सिर्फ सनसनी पैदा करना जानते हैं। उनके आरोप तथ्यात्मक नहीं हैं। मारुति अपना कुछ तकनीकी स्टाफ शिफ्ट कर रही है, लेकिन कारों का उत्पादन हरियाणा में ज्यों का त्यों रहेगा। इसलिए इस प्रक्रिया को किसी सूरत में पलायन नहीं कहा जा सकता। दुष्यंत चौटाला के अनुसार हाल ही में सुजुकी के सीइओ, एमडी, चेयरमैन और बोर्ड डायरेक्टर्स के साथ मुख्यमंत्री और मेरी मीटिंग हुई है। कंपनी के प्रबंधकों ने एचएसआइआइडीसी से खरखौदा में मारुति की कारों के निर्माण के लिए 800 एकड़ से ज्यादा जमीन हासिल करने में रुचि दिखाई है, जबकि 100 एकड़ से ज्यादा जमीन सुजुकी की बाइक बनाने के लिए कंपनी को चाहिए।

दुष्यंत ने कहा कि हरियाणा में यदि कोरोना की मार नहीं पड़ी तो अगले दो से तीन माह के भीतर यहां बड़ी औद्योगिक इकाइयां आने वाली हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि दो बार कोरोना तथा आठ माह से चल रहे किसान संगठनों के आंदोलन के बावजूद राजस्व में 17 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। उप मुख्यमंत्री के अनुसार शराब की बिक्री से करीब सात हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इसे बढ़ाकर साढ़े सात हजार करोड़ रुपये तक ले जाने की योजना है। प्रदेश सराकर ने टैक्स कलेक्शन में भ्रष्टाचार के तमाम छिद्र बंद कर दिए हैं।

कोई सरपंची की तैयारी कर रहा तो कोई जिला परिषद की

दुष्यंत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राज्य में किसान संगठनों का आंदोलन अपनी हदें पार करता जा रहा है। यह आंदोलन पूरी तरह से राजनीतिक है। कोई सरपंच के चुनाव की तैयारी कर रहा तो कोई कांग्रेस से जुड़ा है और जिला परिषद के चुनाव लड़ने का सपना देख रहा है। यह आंदोलन पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। यह किसानों का नहीं बल्कि राजनीतिक दल का आंदोलन है। उपद्रव मचाने वाले ऐसे तमाम लोगों के विरुद्ध सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की योजना बना रही है। एक सवाल के जवाब में दुष्यंत ने कहा कि कांग्रेस का अंत केंद्र और हरियाणा में बैठे पार्टी नेता ही करेंगे। अब उसका सवा सौ साल का इतिहास हो गया है। अमेरिका में कोई पार्टी आज तक 100 से 125 साल तक जीवित नहीं रह सकी। यही हाल अब कांग्रेस का होने वाला है। उन्होंने अपने चाचा अभय चौटाला को अगंभीर नेता बताया है।