Bihar Election 2020: बीजेपी ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, केंद्रीय मंत्री के बेटे सहित कई विधायकों के काटे टिकट

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने दूसरे चरण के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा रविवार को कर दी। दूसरे दौर में पार्टी ने युवाओं पर सर्वाधिक भरोसा जताया है। चनपटिया के विधायक प्रकाश राय, अमनौर के शत्रुघ्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा और सिवान के व्यासदेव प्रसाद की छुट्टी हो गई है। साथ ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के बेटे का भी टिकट कट गया है। वहीं पटना शहर की सभी पांच विधानसभा में बीजेपी ने अपने विधायकों पर फिर से भरोसा जताया है।

94 विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवंबर को मतदान

दूसरे चरण में 94 विधानसभा क्षेत्रों में तीन नवंबर को मतदान होना है। राजग में समझौते के तहत उनमें से 46 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार हैं। दूसरे चरण में पार्टी ने सिर्फ दो महिलाओं को टिकट दिया है। उनमें से एक आशा सिन्हा दानापुर से विधायक हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की कुर्सी गंवाने वाली रेणु देवी को इस बार भी बेतिया से किस्मत आजमाएंगी। 2015 में वे कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी से मात खा गई थीं। पूर्व सांसद ओमप्रकाश इस बार विधानसभा पहुंचने के लिए सिवान में अपनी किस्मत आजमाएंगे। दूसरे चरण के बाद अब पार्टी को तीसरे चरण के 36 उम्मीदवारों की घोषणा करनी है।

 

 

लोजपा से आने वाले भी पा गए सौगात

लोजपा से आकर भाजपा का दामन थामने वाले सत्येंद्र सिंह फतुहा से टिकट हासिल करने में कामयाब रहे हैं। महज चार दिन पहले भाजपा में शामिल होने वाले शील कुमार राय भी उजियारपुर से टिकट पा गए हैं। वे 2005 में दलसिंहसराय से विधायक रहे हैं। परिसीमन के बाद तकरीबन उसी भूगोल में दलसिंहसराय का नाम परिवर्तित होकर उजियारपुर हो गया।

उम्रदराज और अनुभवी दिग्गजों पर दांव

राजधानी पटना के सभी सिटिंग विधायक अपने इलाके में इस बार भी दांव आजमाएंगे। उनमें कुम्हरार के विधायक अरुण कुमार सिन्हा और पटना साहिब के विधायक व राज्य सरकार में मंत्री नंदकिशोर यादव सर्वाधिक उम्रदराज हैं। 73 वर्ष की उम्र वाले छपरा के विधायक डा. सीएन गुप्ता पर भी पार्टी ने एक बार फिर से भरोसा जताया है। दरौंदा सीट पर बाहुबली अजय सिंह को पटकनी देने वाले कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह भी पर पार्टी ने दूसरी बार भरोसा जताया है। बेगूसराय सीट पर भाजपा ने कांग्रेस की मौजूदा विधायक अमिता भूषण के खिलाफ महापौर पुत्र व पार्टी के क्रीड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश संयोजक कुंदन सिंह को टिकट दिया है।

चौबे के पुत्र को मिली निराशा

भागलपुर सीट को पार्टी ने वंशवाद के चंगुल से निकाल लिया है। 2015 में वहां से केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत ने चुनाव लड़ा था। कांग्रेस के अजित शर्मा से वे बुरी तरह हार गए थे। इस बार खांटी कार्यकर्ता और वर्तमान जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय को टिकट मिला है। रोहित बाल स्वयंसेवक हैं।

विधानसभा क्षेत्र  प्रत्याशी के नाम

नौतन- नारायण प्रसाद

चनपटिया- उमाकांत सिंह

बेतिया- रेणी देवी

हरसिद्धि- कृष्णानंद पासवान

गोविंदगंज- सुनील मणि त्रिपाठी

कल्याणपुर- सचिनेंद्र प्रसाद सिंह

पिपरा- श्यामबाबू प्रसाद यादव

मधुबन- राणा रणधीर सिंह

सीतामढ़ी- डॉ. मिथलेश कुमार

राजनगर- रामप्रीत पासवान

झंझारपुर- नीतीश मिश्रा

बरूराज- अरुण कुमार सिंह

पारू- अशोक कुमार सिंह

बैकुंठपुर-  मिथिलेश तिवारी

बरौली- राम प्रवेश राय

गोपालगंज- सुभाष सिंह

सिवान -ओम प्रकाश यादव

दरौली- रामायण मांझी

दरौंधा- कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह

गोरियाकोठी- देवेशकांत सिंह

तरैया- जनक सिंह

छपरा- डॉ. सीएन गुप्ता

गरखा- ज्ञानचंद मांझी

अमनौर- कृष्ण कुमार मंटू

सोनपुर- विनय कुमार सिंह

हाजीपुर- अवधेश सिंह

लालगंज- संजय कुमार सिंह

राघोपुर- सतीश कुमार यादव

उजियारपुर- शील कुमार राय

मोहिउद्दीननगर-  राजेश सिंह

रोसड़ा- वीरेंद्र पासवान

बछवाड़ा- सुरेंद्र मेहता

बेगूसराय- कुंदन सिंह

बखरी- रामशंकर पासवान

बिहपुर- कुमार शैलेंद्र

पीरपैंती- ललन कुमार पासवान

भागलपुर- रोहित पांडेय

बिहारशरीफ- डॉ. सुनील कुमार

बख्तियारपुर- रणविजय सिंह

दीघा- संजीव चौरसिया

बांकीपुर- नितिन नवीन

कुम्हरार- अरुण कुमार सिन्हा

पटना साहिब- नंद किशोर यादव

फतुहा- सत्येंद्र सिंह

दानापुर- आशा सिन्हा

मनेर- निखिल आनंद

सतीश का होगा तेजस्वी से मुकाबला

राघोपुर में पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का मुकाबला भाजपा के सतीश यादव से होगा। सतीश लगातार तीसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं। 2010 में सतीश ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को हराया था, जबकि 2015 में तेजस्वी से मात खा गए।

बगावत भी झेलनी पड़ रही

दो वर्ष पहले लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से वीआरएस लेने वाले संजय कुमार सिंह को लालगंज सीट पर उम्मीदवार बनाया गया है। उसी सीट से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह के दामाद के बड़े भाई संजय सिंह भी दावेदार थे। वे पार्टी में वैशाली जिला से दो बार अध्यक्ष भी रह चुके हैं और अभी प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं। पैराशूट उम्मीदवार को टिकट मिलने का हवाला देते हुए उन्होंने निर्दलीय मैदान में उतरने का एलान कर दिया है।