बागपत के त्रिलोक तीर्थ धाम सहित जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहनावे को लेकर एक महत्वपूर्ण अपील की गई है। मंदिर प्रशासन ने प्रवेश के लिए ड्रेस कोड लागू करते हुए हाफ पैंट, मिनी स्कर्ट और जींस-टॉप जैसे आधुनिक पश्चिमी परिधानों से परहेज करने को कहा है।
इसके अतिरिक्त, महिलाओं और बालिकाओं से शालीन वस्त्र पहनने और सिर ढककर ही मंदिर परिसर में प्रवेश करने का आग्रह किया गया है। बागपत के बड़ा गांव में स्थित इस मंदिर की यह पहल अब स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।
त्रिलोक तीर्थ धाम के मैनेजर त्रिलोक जैन ने बताया कि यह कदम धार्मिक स्थल की गरिमा और पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं, बल्कि सामाजिक मर्यादा और धार्मिक अनुशासन का पालन सुनिश्चित करना है।
इस निर्णय को लेकर श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं ने अपना समर्थन व्यक्त किया है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर शालीनता बनाए रखना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है और ऐसे नियम समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं।
मंदिर प्रशासन का मानना है कि यह पहल आधुनिकता के साथ-साथ सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित रखने में सहायक होगी। उनका उद्देश्य आस्था को मजबूत करना और आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कारों से जोड़ना है। प्रशासन को उम्मीद है कि श्रद्धालु स्वेच्छा से इस नियम का पालन कर मंदिर की दिव्यता बनाए रखने में सहयोग देंगे।