पहले भारत से नेपाल में होती थी तस्करी, अब नेपाल से भारत लाया जा रहा पेट्रोलियम पदार्थ- यह है कारण

 लगातार बढ़ रहे डीजल-पेट्रोल के दाम से नेपाल सीमा पर एक बार फिर पेट्रोलियम पदार्थों की तस्करी शुरू हो गई है। इस बार फर्क सिर्फ इतना है कि तस्करी नेपाल को नहीं, बल्कि नेपाल से भारत में की जा रही है। डीजल में 14 रुपये व पेट्रोल में प्रतिलीटर सात रुपये बचाने के चक्कर में तस्करों ने डीजल-पेट्रोल की नेपाल से तस्करी शुरू कर दी है। शनिवार को इसका खुलासा तब हुआ जब यूपी के महराजगंज जिले के निचलौल की रेंगहिया पुलिस ने नो मैंस लैंड से 145 लीटर अवैध डीजल के साथ दो आरोपितों को गिरफ्तार किया।

यह है दाम में अंतर

भारत में पेट्रोल 81 रुपये प्रति लीटर है जबकि डीजल की कीमत 71 रुपये है। नेपाल में इनकी कीमतों में सात से 14 रुपये का फर्क है। नेपाल में डीजल नेपाली मुद्रा में 91 नेपाली रुपया है जो भारतीय रुपये में 57 रुपया होगा। नेपाल में पेट्रोल की कीमत नेपाली 119 रुपये है जो भारतीय मुद्रा में 74 रुपये होगा।

भूकंप त्रासदी के दौरान डीजल-पेट्रोल तस्करी उजागार हुआ था मामला

2015 में भूकंप त्रासदी के बाद नेपाल के सीमाई इलाकों में पेट्रोलियम पदार्थों समेत कई चीजों की मांग बढ़ गई थी। सोनौली सीमा से एक वैधानिक तरीके के अलावा उस समय सीमा पर डीजल-पेट्रोल की तस्करी आम हो गई थी। भारत से पेट्रोल और डीजल लोग नेपाल में ले जाकर डेढ़ गुने व दोगुने दामों पर बेचते थे।

पगडंडियों से तस्करी, सुरक्षा पर सवाल

भारत नेपाल की सीमा कोरोना की दृष्टिगत 15 दिसंबर तक के लिए सील है। सीमा सील होने के बावजूद नो मेंस  लैंड की पगडंडियों से तस्करी अनवरत जारी है। यह सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों के कार्यप्रणाली पर सवाल है।

पुलिस ने कहा

भारत-नेपाल सीमा से सटे महराजगंज जिले के पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्‍ता ने कहा कि तस्करी पर रोक लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। सीमा क्षेत्र के जिन थाना क्षेत्रों से तस्करी की सूचनाएं आ रहीं हैं , वहां पर विशेष निगरानी के लिए टीमें लगाई गईं हैॅ। तस्करी रोकने के लिए पुलिस विभाग पूरी तरह से सतर्क है। तस्करी में संलिप्त लोगों को चिन्हित कार्रवाई की जा रही है।