मध्य प्रदेश में 1,171 गांव बाढ़ की चपेट में, 1000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया, अमित शाह ने की शिवराज सिंह से बात

मध्यप्रदेश में भारी बारिश के बाद आइ बाढ़ से राज्यवासियों का हाल बेहाल है। मध्य प्रदेश में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र भारी बारिश के बाद बाढ़ की चपेट में है। इस कारण वहां के 1,171 गांवों में बाढ़ आ गई है। इन क्षेत्रों में से अधिकांश श्योपुर और शिवपुरी जिलों में स्थित हैं। समाचार एजेंसियां द्वारा अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी जा रही है। इस बीच, भारतीय सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ आपदा प्रबंधन अधिकारियों की सहायता के लिए बचाव प्रयास में उतर गई है, जो पहले से ही राहत अभियान में लगे हुए हैं। वहीं, राज्य में बाढ़ को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कुछ जानकारी साझा की है। इसके अलावा केंद्र गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य के सीएम चौहान से बात की है।

सीएम ने बताया, ‘क्वारी, सीप, पार्वती नदियों में बाढ़ से श्योपुर के 30 गांव प्रभावित हैं। अब तक 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। फिलहाल ज्वालापुर, भेरावाड़ा, मेवाड़ा, जाटखेड़ा के गांवों में फंसे करीब 1000 लोगों को निकालने का अभियान जारी है।’

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि चंबल, क्वारी नदियों में बाढ़ से मुरैना के 13 गांव प्रभावित हैं। अब तक 250 से अधिक लोगों को बचाया गया है और 200 लोगों के लिए बचाव कार्य जारी है। दतिया के 36 प्रभावित गांवों से अब तक 1100 लोगों को निकाला गया है और 45 लोगों का ऑपरेशन जारी है।

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान से बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और नदियों के जल स्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली। शाह का कहना है कि केंद्र राज्य को राहत कार्य के लिए पूरी मदद कर रहा है। अमित शाह ने इस बारे में ट्वीट भी किया।

मध्यप्रदेश के कुछ भागों में तेज बारिश व नदियों का जलस्तर बढ़ने से आयी बाढ़ के संबंध में मैंने श्री @chouhanshivraj जी से बात कर स्थिति की जानकारी ली। केंद्र की ओर से प्रदेश को राहत कार्यों के लिए पूरी मदद दी जा रही। इस कठिन घड़ी में मोदी सरकार प्रदेश की जनता के साथ खड़ी है।

राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ग्वालियर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री काम कर रहे हैं। मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि झूठी अफवाहों से बचें। नदियों के पास के सभी गांव प्रभावित हैं। लोगों को बचाना हमारी प्राथमिकता।

मौसम विभाग क्या बोला?

बता दें कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में भीषण गर्मी के बाद मानसून ने कहर बरपा रखा है। अगले 24 घंटों में, मध्य प्रदेश के सबसे अधिक प्रभावित ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शिवपुरी, श्योपुर, गुना और दो अन्य जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही क्रमशः नौ और आठ जिलों के लिए ऑरेंज और येल्लो अलर्ट जारी किया है। चंबल, सिंध, नर्मदा और पार्वती जैसी नदियां उफान पर हैं। पानी का बहाव इतना तेज है कि वह मवेशियों को भी साथ ले जा रहा है। नुकसान का आकलन तभी किया जा सकता है जब पानी का बहाव रुक जाए।