अमृतसर में रविवार सुबह हुई पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) जोगा सिंह की हत्या की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) ने ली है। इससे संबंधित सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि जीना चाहते हैं तो नौकरी से इस्तीफा दे दें। हालांकि भास्कर इस पोस्ट व दावे की पुष्टि नहीं करता।
इसके बाद पुलिस ने टारगेट किलिंग के एंगल से जांच शुरू की है। ASI को 2 गोलियां मारी गईं, जो कंधे और कमर पर लगी। जिस वक्त हत्या हुई, वह गुरदासपुर से ड्यूटी पर मजीठा के रास्ते अमृतसर जा रहे थे। ASI जोगा सिंह गुरदासपुर के रहने वाले थे। परिजन के मुताबिक, वह डेली कार से जाते थे, लेकिन रविवार उसका टायर पंचर हो गया तो वह स्कूटी से गए थे। इसी वजह से ASI की हत्या को टारगेट किलिंग का शक जताया जा रहा है।
पुलिस सोर्सेज के मुताबिक, ASI की कार पंचर होना, उनका स्कूटी से ड्यूटी जाने समेत कई एंगल दिख रहे हैं, जिसको लेकर पुलिस जांच में जुटी है। अमृतसर रुरल के SSP सोहेल कासिम मीर ने कहा कि निजी रंजिश से लेकर रोड रेज तक के सभी एंगल से इस हत्याकांड की जांच की जा रही है। हत्या वाली जगहों के आसपास से CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
हमलावरों ने रास्ते में घेर की थी हत्या पुलिस के मुताबिक, जोगा सिंह गुरदासपुर में बांगर के गांव घणिए के रहने वाले थे। वह रोजाना की तरह सुबह 6 बजे स्कूटी (PB06BJ-6614) पर ड्यूटी के लिए अमृतसर के लिए निकले। मजीठा से करीब 1 किलोमीटर पहले बाइक पर आए 2 अज्ञात हमलावरों ने उनकी स्कूटी को रास्ते में घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने उन पर फायरिंग कर दी।
इस दौरान ASI को सीने के बाईं तरफ और कमर पर 2 गोलियां लगीं। इससे ASI गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक जिस जगह हत्या हुई, वह इलाका काफी बिजी रहता है। हालांकि रविवार और सुबह 6 बजे का टाइम होने की वजह से उस वक्त ASI को तुरंत कोई मदद नहीं मिल सकी। इस वजह से ASI ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। जब उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही SSP सुहेल कासिम मीर, डीएसपी कमलमीत सिंह और एसएचओ कर्मपाल सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर फोरेंसिक टीम भी बुलाई गई, जिसने सबूत जुटाए हैं। गोलियों के खोल भी मौके से बरामद हुए हैं।
चचेरे भाई ने कहा- गाड़ी पंंचर हुई तो स्कूटी से जा रहे थे मौके पर पहुंचे जोगा सिंह के चचेरे भाई हरचरण सिंह ने बताया है कि जोगा सिंह अक्सर अपनी गाड़ी से ड्यूटी पर अमृतसर आते थे। हालांकि, आज सुबह उन्हें पता चला कि उनकी गाड़ी पंचर है, इसलिए वह स्कूटी से ड्यूटी पर आ रहे थे। इसी दौरान उनके साथ यह वारदात हो गई। चचेरे भाई ने बताया कि जोगा सिंह अमृतसर में ट्रैफिक पुलिस विभाग में तैनात थे। वह और उनकी पत्नी ही घर में रहते थे। उनके 2 बच्चे हैं, जो कनाडा में रहते हैं।
तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) के बारे में जानिए…
आखिर क्या है आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH), जिसने दोनों पुलिसवालों की हत्या की जिम्मेदारी ली? क्या इसका अफगानिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से कोई संबंध है? संगठन ने पंजाब में हमला क्यों किया? जानिए सभी सवालों के जवाब…
सवाल नं. 1- क्या है तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान? जवाब – आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) ने अमृतसर में ASI की हत्या की जिम्मेदारी ली है, पुलिस के मुताबिक इस नाम से कोई ऑफिशियल या एक्टिव टेररिस्ट ग्रुप अस्तित्व में नहीं है। यह नाम असल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का एक पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा वर्जन है, जिसे भारत विरोधी नैरेटिव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह नाम कभी-कभी अफवाहें फैलाने या सोशल मीडिया पर प्रचार के रूप में इस्तेमाल होता है। अब तक किसी बड़ी वारदात में इसका नाम नहीं आया। TTP को पाकिस्तान में फितना अल-हिंदुस्तान के नाम से भी संबोधित किया जाने लगा है।
सवाल नं. 2 – TTH का TTP से क्या संबंध है? जवाब – माना जाता है कि TTH को भारत में दहशत फैलाने के लिए TTP ने ही बनाया गया था, लेकिन आधिकारिक रूप से इसकी दहशतगर्दी के निशान अब तक भारत में कहीं मिले नहीं हैं। TTP ने 2013 में एक बयान में कहा था कि वे भारत में भी शरिया लागू करना चाहते हैं और कश्मीर में सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उसके बाद कोई बड़ा ऑपरेशन या तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नाम का ग्रुप भारत में सामने नहीं आया। यह ज्यादातर प्रचार या धमकी का हिस्सा था।
सवाल नं. 3 – TTP पाकिस्तान में क्यों दहशत फैला रहा?
जवाब – तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पाकिस्तान में एक प्रमुख दहशतगर्द संगठन है। इसे 2007 में बनाया गया। इसका मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान में शरिया आधारित अमीरात कायम करना है। यह अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन विचारधारा में काफी करीब है। TTP पाकिस्तान में सेना, पुलिस और नागरिकों पर हमले करता रहता है।
पाकिस्तान सरकार और सेना TTP को भारत समर्थित बताकर भारत पर आरोप लगाती है। पाक PM शहबाज शरीफ और अन्य अधिकारियों ने कई बार कहा है कि TTP के हमले अफगानिस्तान से हो रहे हैं और भारत उनका बैकिंग कर रहा है। भारत ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है और इन्हें पाकिस्तान की अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश बताया है।
करीब 3 महीने पहले 2 पुलिसकर्मियों की हत्या हुई
इससे पहले गुरदासपुर में आदियां पुलिस चौकी में 2 पुलिसवालों की हत्या की गई थी। यह चौकी भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किमी दूर है। इन हत्याओं की जिम्मेदारी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने ली थी।
संगठन की ओर से जारी पोस्ट में कहा गया था- 22 फरवरी 2026 को तड़के गजवा-ए-हिंद में एक और सफलता हासिल हुई, जब तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने दुरंगला पुलिस स्टेशन पर हमला किया। इसमें 2 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा।