नाराज राकेश टिकैत का बड़ा बयान, नक्सल क्षेत्र में भेजे जाएं किसानों से बदसलूकी करने वाले IAS अधिकारी

रविवार को नूंह की नई अनाज मंडी में हुई संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में पांच सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में होने वाली पंचायत में ज्यादा से ज्यादा किसानों को जुटने का आह्वान किया गया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि मुजफ्फरनगर में होने वाली पंचायत में मिशन यूपी का एलान होगा।

राकेश टिकैत ने मांग की कि वायरल वीडियो में करनाल में किसानों से सख्ती से पेश आने को कहने वाले आइएएस अधिकारी को बर्खास्त किया जाए या निलंबित कर पांच साल के लिए जम्मू-कश्मीर या नक्सलवाद क्षेत्र में भेज देना चाहिए। राकेश टिकैत ने कहा प्रधानमंत्री ने 2022 में किसानों की आमदनी दोगुनी होने का वादा किया था तो किसान आगामी 1 जनवरी 2022 को अपनी फसल सरकार को दोगुने दामों में बेचेंगे। जय किसान आंदोलन के संस्थापक योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार जब तक नए तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेगी तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर आजाद खान ने महापंचायत की अध्यक्षता की।

किसान व पुलिस में टकराव नहीं होना चाहिए था’

इस बीच हरियायाणा के करनाल में शनिवार को किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने दुख जताया है। रविवार को गुरुग्राम के नेहरू स्टेडियम में आयोजित खेलो हरियाणा के समापन समारोह के दौरान बातचीत में कहा कि किसानों पर लाठी चार्ज किया जाना गलत है। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पर हमला भी गलत है। किसी भी तरह का टकराव नहीं होना चाहिए। शांति से बातचीत होने से ही हल निकलेगा। मंत्री ने कहा कि जिनकी गलती है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश मुख्यमंत्री ने लाठी चार्ज के मुद्दे पर स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस या किसानों में जिन जिन लोगों की गलती मिलेगी उन पर कार्रवाई की जाएगी।