September Weekly 2021 Vrat Evam Tyohar: कल है भाद्रपद अमावस्या, जानें कब है हरितालिका तीज, गणेश चतुर्थी एवं ऋषि पंचमी

September Weekly 2021 Vrat Evam Tyohar: आज से सितंबर 2021 का दूसरा सप्ताह प्रारंभ हो गया है। यह सप्ताह व्रत एवं त्योहारों की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण है। इस सप्ताह में कल भाद्रपद अमावस्या है। इसे पिठोरी अमावस्या या कुशग्रहणी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस सप्ताह अखंड सौभाग्य देने वाली हरितालिका तीज और विघ्नहर्ता गणेश जी की विश्व प्रसिद्ध गणेश चतुर्थी महोत्सव है। इसके बाद ऋषि पंचमी और स्क्ंद षष्ठी का भी व्रत आएगा। जागरण अध्यात्म में आज हम जानते हैं कि ये महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार कब और किस दिन हैं?

सितंबर 2021 साप्ताहिक व्रत एवं त्योहार

07 सितंबर: भाद्रपद अमावस्या, पिठोरी अमावस्या या कुशग्रहणी अमावस्या। भाद्रपद माह की अमावस्या ​कल दिन मंगलवार को है। इस दिन पितरों की आत्म तृप्ति के लिए पिंडदान, श्राद्ध, तर्पण आदि किया जाता है। आज के दिन धार्मिक कार्यों में कुश का प्रयोग करते हैं, जिससे इसे कुशग्रहणी अमावस्या भी कहते हैं। कई स्थानों पर आज के दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और आटे को गूंथकर मां दुर्गा समेत प्रमुख देवियों की प्रतिकात्मक मूर्तियां बनाती हैं और उनकी पूजा करती हैं। इस वजह से इस अमावस्या को पिठोरी अमावस्या भी कहा जाता है।

09 सितंबर: अखंड सौभाग्य देने वाली हरितालिका तीज इस सप्ताह में गुरुवार को है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और माता पार्वती व शिव जी की पूजा करती हैं। हरितालिका तीज व्रत के पुण्य से संतान की प्राप्ति भी होती है।

10 सितंबर: गणेश चतुर्थी एवं गणपति स्थापना। मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला गणेश उत्सव इस सप्ताह शुक्रवार से प्रारंभ होने वाला है। इस दिन लोग अपने घरों में गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं। हालांकि अब गणेश चतुर्थी या गणेश उत्सव देश के कई हिस्सों में मनाया जाने लगा है। गणेश उत्सव 10 दिनों तक चलता है।

11 सितंबर: ऋषि पंचमी व्रत इस सप्ताह शनिवार को है। यह गणेश चतुर्थी के अगले दिन होता है। इस दिन सप्त ऋषियों की पूजा की परंपरा है।

12 सितंबर: स्कंद षष्ठी। भाद्रपद माह की स्कंद षष्ठी रविवार को है। इस दिन भगवान कार्तिकेय, जिनको स्कंद कुमार भी कहा जाता है,की विधिपूर्वक पूजा करते हैं।

डिस्क्लेमर

”इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्म ग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना के तहत ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।”