देवरिया में अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर बवाल-पथराव:पुलिसवाले जान बचाकर भागे, फिर ईंट फेंककर दौड़ाया; प्रतिमा जब्त, चबूतरा ढहाया

देवरिया में जबरन अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर गुरुवार शाम बवाल हो गया। गांववालों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। महिलाएं भी ईंटें फेंककर मारने लगीं। इससे भगदड़ मच गई। पुलिसवालों को भी पीछे हटना पड़ा। सभी अपने-अपने सिर को बचाते हुए मौके से भागे।

पथराव में पुलिस और प्रशासन के 7 कर्मचारी घायल हुए हैं। हालात बिगड़ते देख आसपास के थानों से फोर्स मंगवाई गई। प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है।

सीनियर अधिकारियों ने मोर्चा संभाला है। अंबेडकर प्रतिमा मौके से हटवाकर थाने लाई गई है। चबूतरे को बुलडोजर से ढहा दिया गया। मामला गुरुवार शाम 4 बजे का है। जिस जगह हंगामा हुआ, वो जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर है।

अब जानिए पूरा मामला…

गौरी बाजार थाना इलाके के लवकनी गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के पास मंगलवार रात कुछ लोगों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी थी। यह ग्राम समाज की जमीन है।

बुधवार सुबह प्रशासन को इसकी जानकारी हुई तो अधिकारी सतर्क हो गए। डीएम मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर रुद्रपुर के एसडीएम राजकुमार गुप्ता जांच करने पहुंचे। उनके साथ राजस्व और पुलिस विभाग की टीम भी पहुंची। मौके की स्थिति का जायजा लिया।

इस बीच गांव वालों को भनक लग गई कि प्रशासन प्रतिमा को हटवा देगा। इसलिए बुधवार देर रात तक महिलाएं मौके पर डटी रहीं। अफसरों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही गांव में निगरानी बढ़ा दी।

तड़के 3 बजे हंगामा, 12 घंटे पुलिस मान-मनौव्वल करती रही

गुरुवार तड़के तीन बजे गांव वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं को प्रतिमा के पास धरने पर बैठा दिया गया। पुलिस शाम 4 बजे तक करीब 13 घंटे मान मन्नौवल करती रही, लेकिन लोग प्रतिमा हटाने को तैयार नहीं हुए।

देवरिया एसडीएम, सीओ रुद्रपुर सतेंद्र कुमार राय गांव में डटे थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि जिस जगह प्रतिमा स्थापित की गई है, वो नवीन परती भूमि है। इसके लिए परमिशन भी नहीं ली गई है। लेकिन सहमति नहीं बन सकी। धीरे-धीरे हालात बिगड़ते चले गए।

पत्थर चलने पर पुलिस को पहले पीछे हटना पड़ा

राजस्वकर्मी प्रतिमा को जबरन हटाने लगे। इस पर लोगों ने पथराव कर दिया। शुरुआत में पुलिस को पीछे हटना पड़ा। पथराव में 7 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ

घटना की सूचना मिलते ही एएसपी सुनील कुमार सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भीड़ को लाठी फटकार कर खदेड़ा। बवाल के बाद रुद्रपुर सर्किल के मदनपुर, एकौना, रुद्रपुर कोतवाली, गौरी बाजार, महुआडीह, रामपुर कारखाना थाने की पुलिस को बुलाया गया। बवाल के पहले गांव में गौरीबाजार और रुद्रपुर थाने की पुलिस मौजूद थी।

घटना के बाद पुलिस करीब 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

जेसीबी से चबूतरे को तोड़ा गया

एडीएम (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह ने बताया- पुलिस ने प्रतिमा को मौके से हटाकर पिकअप वाहन से गौरी बाजार थाने भेज दिया। इसके बाद जेसीबी से प्रतिमा स्थापना के लिए बनाए गए चबूतरे को भी हटवा दिया गया।

मामले में सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन हिंसा फैलाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसपी बोले- प्रतिमा को सुरक्षित जगह रखवाया

एसपी अभिजीत आर. शंकर ने बताया- गांव में कुछ लोग बिना अनुमति सरकारी भूमि पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगा रहे थे। प्रतिमा स्थापित कराने वाले लोगों से बात की गई। वे सम्मानजनक तरीके से प्रतिमा हटाने के लिए तैयार हो गए थे। प्रशासन की मौजूदगी में प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।

इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। पथराव में कई पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारी घायल हुए। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की गई।

एसपी ने कहा- प्रतिमा को सम्मानपूर्वक हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। पथराव और सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्रवाई के दौरान विभागीय स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जांच कर कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।