फसलों के दाम बढ़ने का सबसे अधिक फायदा हरियाणा और पंजाब के किसानों को, जानें कितनी बढ़ेगी आमदनी

फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (MSP) में वृद्धि का सबये अधिक फायदा किसानों को होता है। पिछले कुछ सालों में इन दो राज्‍यों के किसानों की आय कई गुना बढ़ गई है। हालांकि यह भी हकीकत है कि ,खेती पर लागत भी बढ़ी है। इसके साथ ही यह तथ्‍य सामने आया है कि आय के मामले में पंजाब एवं हरियाणा के किसान देश में सबसे आगे हैं।

आठ साल पहले हुए सर्वे में पंजाब के किसानों की आय सबसे अधिक, हरियाणा के किसान दूसरे नंबर पर

केंद्र सरकार के सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने करीब आठ साल पहले 2012-13 में जुलाई से जून माह के बीच एक सर्वे कराया था, जिसमें पंजाब और हरियाणा के किसानों की आय सबसे अधिक आंकी गई थी। पंजाब के किसानों की औसत मासिक आमदनी 18 हजार 59 रुपये और हरियाणा के किसानों की मासिक आमदनी 14 हजार 434 रुपये थी। उत्तर प्रदेश औ

इसके बाद से ऐसा कोई सर्वे नहीं हुआ, लेकिन केंद्र की मौजूदा सरकार जिस तरह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में लगातार बढ़ोतरी कर रही है, उसके मद्देनजर हरियाणा और पंजाब के किसानों की यह आमदनी बढ़कर तीन से पांच गुणा तक ज्यादा हो चुकी है। यह दावा केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार के मंत्री कर रहे हैं।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बीते साल राज्यसभा में एक अतारांकित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी थी। इसके साथ ही उन्‍होंने किसानों की मौजूदा आमदनी का आकलन करने के लिए नए सर्वे की जरूरत भी बताई थी। पंजाब के बाद हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य है, जो सबसे अधिक अन्न पैदा कर केंद्रीय पूल में देता है। इन दोनों राज्यों के किसान आज सबसे ज्यादा आंदोलनरत हैं।

र बिहार के किसानों का नंबर काफी नीचे था।किसान संगठनों का मुद्दा है केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून वापस लेने का, लेकिन केंद्रीय कृषि मंत्री का कहना है कि केंद्र सरकार ने जिस तरह हाल ही में छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 40 से 400 रुपये क्विंटल तक बढ़ोतरी की है, वह फसलों की लागत पर 100 फीसद तक मुनाफा प्रदान करने की ओर इशारा कर रही है।

उनका कहना है कि स्वामीनाथ आयोग की रिपोर्ट में किसानों को फसलों की लागत का 50 फीसद लाभ जोड़कर देने की सिफारिश की गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने लागत में इस लाभ को बढ़ाकर 100 फीसद तक कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और सूरजमुखी की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी का सबसे अधिक फायदा हरियाणा और पंजाब के किसानों को मिलने जा रहा है।

गेहूं व धान के अलावा सरसों व सूरजमुखी की सबसे ज्यादा फसल हरियाणा में होती है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने अपने यहां देश में गन्ने का सबसे अधिक 362 रुपये क्विंटल रेट कर दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अनुसार फसलों की एमएसपी में की गई बढ़ोतरी ने यह तो साबित कर दिया कि किसान की एमएसपी नहीं मिलने की आशंका निर्मूल है। इसके विपरीत उन्हें लागत पर 50 से 100 फीसद तक मुनाफा देने का इंतजाम किया गया है।