हरियाणा में बिजली उपभोक्‍ताओं की लापरवाही, नहीं करवा रहे केवाईसी, बंद हो जाएगी सब्सिडी

सरकार के आदेशों के तहत बिजली उपभोक्ताओं को छूट देने के लिए आधार कार्ड जमा करवाकर नो यूअर कस्टमर (केवाईसी) करवाना जरूरी है। निगम के मुख्यालय द्वारा अप्रैल महीने में ही इस केवाईसी को करना शुरू किया गया था। जिसके तहत निगम के अधिकारियों के आदेशों के तहत कर्मचारियों की भी ड्यूटी केवाईसी करने के लिए लगाई गई थी। इस दौरान उपभोक्ताओं के आधार कार्ड अपडेट करवाने का कार्य भी किया गया था। परंतु अपडेटेशन कार्य काफी धीमा रहा है। पूरे प्रदेश में यही स्थिति है।

बता दें कि जिले में कुल दो लाख घरेलू कनेक्शन है। जिन्हें उपभोक्ताओं द्वारा खर्च की जाने वाली यूनिट के हिसाब से सब्सिडी दी जाती है। अब तक यहां ढाई लाख में से केवल एक लाख उपभोक्ताओं ने ही केवाईसी करवाई है। इसको लेकर अब बिजली निगम ने नई हिदायत जारी की है। जिसके तहत यदि उपभोक्ताओं ने 30 सितंबर तक अपने आधार कार्ड निगम कार्यालय में जमा न करवाकर अपडेटेशन का कार्य नहीं करवाया तो इन उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी बंद कर दी जाएगी।बता दें कि इस समय बिजली निगम द्वारा बिजली खपत के अनुसार सब्सिडी दी जा रही है। इसमें यूनिट के हिसाब से खर्च की जाने वाली बिजली का स्लैब निर्धारित होता है। इस स्लैब के हिसाब से ही दो रुपये के खर्च से शुरू की जाती है। यदि कोई उपभोक्ता 1500 से अधिक यूनिट खर्च करता है तो उस उपभोक्ता से प्रति यूनिट सात रुपये का खर्च वसूल किया जाता है।

बता दें कि इस समय बिजली निगम द्वारा बिजली खपत के अनुसार सब्सिडी दी जा रही है। इसमें यूनिट के हिसाब से खर्च की जाने वाली बिजली का स्लैब निर्धारित होता है। इस स्लैब के हिसाब से ही दो रुपये के खर्च से शुरू की जाती है। यदि कोई उपभोक्ता 1500 से अधिक यूनिट खर्च करता है तो उस उपभोक्ता से प्रति यूनिट सात रुपये का खर्च वसूल किया जाता है।