योगी, केशव, ब्रजेश तिरंगा लेकर 2km पैदल चले:CM बोले- वंदे मातरम का अपमान नहीं चलेगा; 30 हजार बच्चे-युवा पहुंचे

लखनऊ में काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस पर रविवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी हाथ में तिरंगा लेकर पैदल चले। यात्रा के दौरान योगी के एक तरफ ब्रजेश पाठक तो दूसरी तरफ केशव मौर्य और पंकज चौधरी नजर आए। योगी ने बच्चों और पंकज चौधरी के साथ सेल्फी भी ली।

देशभक्ति के गानों, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच तिरंगा यात्रा सुबह 9.20 बजे मुख्यमंत्री आवास (5, कालिदास मार्ग) से शुरू हुई। 30 मिनट में 2 किमी का सफर तय कर यात्रा विधानभवन पहुंची। यात्रा में कैबिनेट मंत्रियों, भाजपा नेताओं और स्कूली बच्चों-युवाओं समेत 30 हजार लोग शामिल हुए। बच्चे 101 फीट का तिरंगा लेकर विधानसभा पहुंचे।

यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष पूजा पाल भी तिरंगा यात्रा में शामिल हुईं। अपर्णा ने कहा- Gen-Z हमारे साथ है। इस यात्रा को कामयाब बना रहा है।

इससे पहले, योगी ने कहा-

कांग्रेस के समय में घर पर तिरंगा लगाने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती थी। पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों को घर के ऊपर तिरंगा लगाने की आजादी दी। अब यह नहीं चल सकता कि रहेंगे भारत में और भारत के प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को अपमानित करेंगे।

बता दें कि काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस 9 अगस्त 1925 को लखनऊ के पास काकोरी में हुई ऐतिहासिक घटना की याद में मनाया जाता है। इस दिन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के सरकारी खजाने से रोकड़ा (धन) जब्त कर स्वतंत्रता संग्राम के लिए हथियार खरीदने का ऐतिहासिक कदम उठाया था।

योगी ने ऐतिहासिक ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ का नाटक देखा

  • तिरंगा यात्रा के बाद सीएम योगी काकोरी पहुंचे। वहां उन्होंने काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित नाटक किया। योगी ने ताली बजाकर उनका हौसला बढ़ाया।
  • योगी ने अमर शहीद अशफाक उल्ला खां के परपोते आफाक उल्ला खां समेत काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिवीरों के परिजनों को सम्मानित किया। कारगिल युद्ध में शहीद हुए लखनऊ के परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडेय के बड़े भाई का सम्मान किया।

सीएम योगी के संबोधन की 6 बड़ी बातें-

1. ‘हमारा युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा का प्रतीक है’ सीएम योगी ने कहा- वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। पूरे देश में इसका गान हो रहा है। काकोरी ट्रेन एक्शन में हमारे युवाओं ने अंग्रेजों की जड़ों को हिलाने का काम किया था। आज भी हमारा युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा का प्रतीक है। वह देश की हर चुनौती का सामना करने का सामर्थ्य रखता है। इसलिए जरूरी है कि युवाओं की इस ऊर्जा को आगे बढ़ाने के लिए सही मंच मिले।

2. ‘युवा देश और समाज की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहें’ उन्होंने कहा- युवाओं को अपनी पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ देश और समाज के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भी खुद को तैयार करना चाहिए। इसी भावना के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी BJP आज पूरे देश में ‘तिरंगा यात्रा’ शुरू कर रही है।

3. ‘1947 के बाद जो काम होना था, उसमें 75 साल क्यों लग गए?’ योगी ने कहा- 1947 के तुरंत बाद जो काम किया जाना चाहिए था, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति जो सम्मान दिखाया जाना चाहिए था, उसे होने में 75 साल क्यों लग गए? वजह यह थी कि कुछ लोगों के लिए सत्ता सबसे ऊपर थी। इसके उलट प्रधानमंत्री मोदी ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना रखते हैं।

4. सोशल मीडिया के जरिए देश के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे योगी ने काकोरी में कहा- हमारे देश के खिलाफ होने वाले षड्यंत्र का सबसे बड़ा जरिया आज सोशल मीडिया हो गया है। जितनी भारत विरोधी ताकतें हैं, वो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल हमारे देश के खिलाफ कर रही हैं। भारत के खिलाफ अफवाहें फैलाई जा रही हैं। समाज को गुमराह करने की साजिश रची जा रही है।

5. आपसी फूट और षड्यंत्र की वजह से देश गुलाम हुआ था सीएम ने कहा- भारत ऐसे ही गुलाम नहीं हुआ। गुलामी का कारण आपसी फूट और हमारे साथ होने वाले षड्यंत्र थे। आज भी जाति के नाम पर, क्षेत्र के नाम पर भारत को कमजोर करने वाली ताकतें जुटी हुई हैं। हमारे क्रांतिकारियों, नायकों को हमसे दूर रखने का पाप आजादी के बाद से सत्ता में बैठे लोग कर रहे थे।

6. सत्ता में बैठे लोगों ने क्रांतिकारियों को अपमानित किया योगी ने कहा कि क्रांतिकारियों का एक ही उद्देश्य था- भारत की आजादी और ब्रिटिशर्स को भगाना। आज हमें याद रखना होगा कि ब्रिटिशर्स ने काकोरी ट्रेन एक्शन को डकैती कहा। दुर्भाग्य से स्वतंत्र भारत में जिन लोगों के हाथों में सत्ता आई, उन लोगों ने भी काकोरी डकैती कांड के नाम पर इस घटना के क्रांतिकारियों को अपमानित किया था।