एक्सरसाइज के दौरान वॉर्म-अप जितना ही जरूरी है कूल डाउन भी, जिसे करते वक्त न करें ये गलतियां

जैसे एक्सरसाइज या वर्कआउट के लिए बॉडी को तैयार करने के लिए वॉर्म-अप करना जरूरी होता है, वैसे ही एक्सरसाइज खत्म करने के बाद कूल डाउन एक्सरसाइज करना भी अहम है। यह मांसपेशियों की रिकवरी और बॉडी को रिलैक्स करने के लिए जरूरी है। ऐसा न करने पर बॉडी के कई हिस्सों में दर्द की शिकायत हो सकती है। लेकिन कई बार कूल डाउन एक्सरसाइज के दौरान भी लोग कुछ गलतियां करते हैं, जिन्हें अवॉयड करना चाहिए। आइए जान लेते हैं जरा इनके बारे में।

1. रोज कूल डाउन न करना

कुछ लोग बीच-बीच में वर्कआउट या एक्सरसाइज करने के बाद कूल डाउन एक्सरसाइज करते हैं, जो कि सही नहीं माना जाता है। कूल डाउन एक्सरसाइज की प्रैक्टिस रेग्युलर तौर पर की जानी चाहिए। एक दिन छोड़कर दूसरे दिन या फिर बीच-बीच में इसे स्किप करने से आपकी मांसपेशियों को नुकसान होता है। जब आप रेग्युलर तौर पर वर्कआउट के बाद कूल डाउन एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो इसकी वजह से आपको सांस लेने में तकलीफ या मसल्स की सही तरह से रिकवरी न हो पाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

सही तरह से स्ट्रेचिंग न करने की वजह से आपको मांसपेशियों के दर्द से लेकर बॉडी की अकड़न जैसी कई प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ सकता है। वर्कआउट के बाद बॉडी की मांसपेशियों और बॉडी पर टेंशन क्रिएट करने के लिए वर्कआउट के बाद स्ट्रेचिंग जरूर करना चाहिए। इंटेंस वर्कआउट और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के बाद मसल्स टिश्यूज में टियर्स आने लगते हैं, जिसको कम करने के लिए रोजाना प्रॉपर स्ट्रेचिंग जरूर करनी चाहिए। वर्कआउट के दौरान आपकी बॉडी लैक्टिक एसिड बनाने लगती है, जिसकी वजह से वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में दर्द की प्रॉब्लम होती है। सही तरह से स्ट्रेचिंग करने से आप इस दौरान होने वाले दर्द से बच सकते हैं।