मां विंध्यवासिनी के भक्तों को मिल रहा तकनीक का लाभ, हाईटेक पुरोहितों ने यजमान को वीडियो काल से दिलाया संकल्प

विंध्यधाम के पुरोहित भी अब नई तकनीक को अपनाते हुए हाईटेक हो रहे हैं। उन्नत तकनीक मां विंध्यवासिनी के भक्तों की भक्ति में सेतु बन रहा है। पुरोहितों ने अपने-अपने यजमानों को नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना संग पूजन के लिए मोबाइल पर वीडियो काल करके संकल्प दिलाया। वृद्ध व कोविड-19 के मददेनजर मोबाइल से ही पूजन के लिए संकल्प ले रहे हैं। पहले दिन संकल्प के बाद भक्त (यजमान) नवमी को हवन व पूजा करने के लिए आते हैं। नवरात्र के पहले दिन पटना, हल्दवानी, इलाहाबाद, लखनऊ, सोनभद्र से यजमानों ने संकल्प लिया।

मां विंध्यवासिनी की महिमा अपरंपार है। विंध्य धाम में प्रतिदिन हजारों भक्त दर्शन पूजन के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र में मां के दर्शन का विशेष महत्व है। पटना, हल्दवानी, इलाहाबाद, लखनऊ, सोनभद्र सहित देश भर से भक्त दर्शन पूजन के लिए आते हैं। कई भक्त मां के धाम में कलश स्थापना करके विधिविधान से पाठ व पूजन अर्चन कराते हैं। ऐसे में कई भक्त अशक्त हो जाते हैं अथवा किसी कारण से पहले दिन नहीं पहुंच पाते हैं तो अपने-अपने यजमानों से संपर्क करके कलश की स्थापना कराते हैं। उन्नत तकनीक इनकी भक्ति में सेतु बन रहा है। पुरोहित अपने भक्तों को मोबाइल से वीडियो काल करके संकल्प दिलाते हैं और इसके बाद विधि-विधान से नौ दिन पूजन अर्चन करते हैं। नौवें दिन नवमी को भक्त विंध्याचल पहुंचकर विधि विधान से हवन पूजन करते हैं। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन पुरोहित प्रियेश पाठक व नन्नू महराज ने डाला सोनभद्र से भक्त लक्ष्मी नारायण को संकल्प दिलाकर पूजन अर्चन किया। हल्दवानी से सुभाष वैश्य और अजय अग्रहरी को वीडियाे काल करके कलश स्थापना के लिए पूजन अर्चन कराया। लखनऊ के लल्लन सिंह ने वीडियो कालिंग के माध्यम से नवरात्र में संकल्प लिया। कंतित के पुरोहित आशीष मिश्रा ने पटना से अपने भक्त निशांत कुमार को संकल्प दिलाकर पूजन अर्चन आरंभ किया।