MSME इकाइयों को मजबूत करने में लगी योगी आदित्यनाथ सरकार, CM योगी आदित्यनाथ ने बांटे 10,390 करोड़ के ऋण

कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार के बाद भी सीएम योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के छोटे उद्योगों को बड़ी आर्थिक मदद प्रदान कर रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ का प्रयास इन छोटे उद्योगों का फिर से पुरानी गति में संचालन और युवाओं को रोजगार के प्रदान करने का है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की लघु, छोटी तथा मध्यम औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को ऋण प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने लाभार्थियों को संबोधित भी किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए तीन लाख करोड़ रुपया का पैकेज दिया। हमारा प्रयास है इसका लाभ लेकर हम उद्यमियों की समस्या को दूर करें। अपने इस अभियान में हम सफल भी हो रहे हैं। इस योजना का लाभ सभी तबकों को मिल रहा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप सभी लोग मिल रहे लोन का लाभ लेकर अपने काम को आगे बढ़ाने के साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा करें। उन्होंने कहा कि अभी तो आप लोगों को छोटा लोन मिल रहा है, आप सभी लोग अपने काम को आगे बढ़ाकर समय से लोन अदा करें और आगे बड़े लोन का लाभ लें। आप सभी लोग अपने कारीगरों को ट्रेनिंग भी दिलाएं। एमएसएमई विभाग सभी को ट्रेनिंग की सुविधा भी दे रहा है। कार्य विस्तार के साथ रोगजार के अवसर प्रदान करें।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार सदैव आप लोगों के साथ है। अब प्रदेश में हर प्रकार के उद्यमों की स्थापना के लिए व्यवस्था को काफी सुगम किया गया है। अब सारी प्रक्रिया को पारदर्शी तथा समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के लिए सिंगल-विंडो पोर्टल तथा निवेश मित्र की सुविधा प्रदेश में प्रदान की जा रही है।

योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का लगातार प्रयास कर रही है। इसी प्रयास में गुरुवार को एमएसएमई विभाग ने लोन मेला आयोजित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकारी आवास पर कुछ उद्यमियों को ऋण वितरण पत्र और एक जिला एक उत्पाद योजना के प्रशिक्षणार्थियों को टूल किट वितरित की। इसके तहत कुल 3,54,825 इकाइयों को 10,390 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। इसमें 3,24,911 नई एमएसएमई इकाइयों को 9,074 करोड़ रुपये और पहले से स्थापित 29,914 इकाइयों को आत्मनिर्भर भारत योजना में 1,316 करोड़ रुपये का लोन दिया गया।