Karwa Chauth 2021 Puja Samagri: करवा चौथ पर जरुरी हैं ये पूजा सामग्री, अभी से कर लें तैयारी

पति की लंबी आयु और खुशहाल दाम्पत्य जीवन के लिए रखा जाने वाला व्रत करवा चौथ इस सप्ताह है। अखंड सौभाग्य की कामना से विवाहित महिलाएं और शादी योग्य युवतियां करवा चौथ व्रत रखती हैं। करवा चौथ व्रत कठिन व्रतों में से एक है। करवा चौथ निर्जला व्रत है। इस व्रत में अन्न और जल ग्रहण नहीं किया जाता है। करवा चौथ के प्रात: सरगी खाकर महिलाएं व्रत रखती हैं और रात्रि के समय चंद्रमा को जल अर्पित करने के बाद पति के हाथों पारण करके व्रत को पूरा करती हैं। इस वर्ष आप भी करवा चौथ व्रत रखने वाली हैं, तो आपको करवा चौथ व्रत से संबंधित पूजा सामग्री के बारे में जान लेना चाहिए। इससे आप करवा चौथ की पूजा सामग्री की व्यवस्था समय से पूर्व करने में आसानी होगी।

करवा चौथ व्रत के लिए मिट्टी का टोंटीदार करवा और उसका ढक्कन, गंगाजल, पानी के लिए एक लोटा, रूई, अगरबत्ती, दीपक, रोली, अक्षत, फूल, चंदन, कुमकुम, गाय का कच्चा दूध, दही, देसी घी, चावल, मिठाई, शहद, चीनी, हल्दी, चीनी का बूरा, माता गौरी को बनाने के लिए पीली मिट्टी, चंद्रमा को जल अर्पित करने के लिए छलनी, लकड़ी के आसन आदि की आवश्यकता पड़ती है।

इसके अतिरिक्त सुहाग की सामग्री जैसे मेहंदी, महावर, कंघा, बिंदी, सिंदूर, चूड़ी, बिछुआ, चुनरी आदि भी खरीदनी होती है। पूजा में 8 पूरियों की अठावरी, हलुआ आदि भी लगता है। पूजा के अंत में दक्षिणा देने के लिए कुछ रुपये रख लें।
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ व्रत होता है। इस वर्ष करवा चौथ 24 अक्टूबर दिन रविवार को है। इस दिन करवा चौथ पूजा का मुहूर्त शाम 05:43 बजे से शाम 06:59 बजे तक है।
01 घंटा 17 मिनट के इस मुहूर्त में आपको चौथ माता या मां पार्वती, गणेशजी, भगवान शिव की पूजा कर लेनी चाहिए। करवा चौथ की पूजा करने के बाद चंद्रमा की पूजा करें। उनको अर्घ्य दें। फिर पति के हाथों जल पीकर व्रत का पारण करें।