गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित हरियाणा में पांच साल से रह रहे युवाओं को मिलेगा निजी सेक्टर में आरक्षण का लाभ

हरियाणा में पांच साल से रह रहे दूसरे प्रदेशों के युवाओं को भी निजी क्षेत्र की नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलेगा। हालांकि इसके लिए उनके पास रिहायश प्रमाणपत्र होना चाहिए। नए स्टार्टअप और आइटी कंपनियों पर दो साल तक नया एक्ट लागू नहीं होगा। इसके अलावा कुशल श्रमिकों की कमी होने पर संबंधित औद्योगिक ईकाई को एक साल की छूट दी जाएगी। कृषि से जुड़े सभी कार्य और कुछ लघु उद्योगों से जुड़े कार्यों पर भी हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार अधिनियम लागू नहीं होगा।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक्ट को लेकर तमाम शंकाओ-आशंकाओं का जवाब देते हुए कहा कि एक्ट के पालन की मानिटरिंग के लिए अलग से टीम बनाई जाएगी। निजी उद्योगों में 30 हजार रुपये तक की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसद रोजगार आरक्षण मील का पत्थर साबित होगा। सभी निजी कंपनियों, ट्रस्ट, सोसायटियों को HUM पोर्टल पर 15 जनवरी तक अपना डाटा और कर्मचारियों की जानकारी अपलोड करनी होगी। इस पोर्टल पर करीब 16 हजार कंपनियों ने अपनी जानकारी दाखिल कर दी है। चार बड़े शहरों में उद्योगों पर सर्वे चल रहा है। पूरे प्रदेश में यह सर्वे कराया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टल पर सभी नए व पुराने उद्योगों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के उद्यमियों के साथ निरंतर चर्चा के बाद 50 हजार रुपये की सैलरी सीमा को घटाकर 30 हजार रुपये किया गया है। एक्ट के तहत जिलास्तर पर उपायुक्त के पास मानिटरिंग का अधिकार होगा। अगर उपायुक्त के खिलाफ किसी को अपील करनी है तो वह राज्य श्रम आयुक्त के पास कर सकते हैं। 15 दिन में अपील का निपटारा होगा। उन्होंने साफ किया कि रोजगार कानून से किसी का रोजगार नहीं जाएगा। सभी से चर्चा के बाद यह एक्ट लेकर आए और जो संशय थे, उन्हें दूर किया। प्रदेश के युवाओं को अच्छा रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है।

सुरजेवाला को नहीं पता वैट के नंबर

पेट्रोल-डीजल पर वैट (मूल्य संवर्धित कर) घटाने को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला पर पलटवार करते उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर 12 रुपये प्रति लीटर की कमी करके केंद्र और प्रदेश सरकार ने आमजन को बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि सुरजेवाला ने मंत्री रहते हुए कभी आबकारी विभाग नहीं देखा, इस कारण उन्हें वैट के नंबर का नहीं पता। प्रदेश सरकार ने हिसार एविएशन बूस्ट के लिए एविएशन संबंधित फ्यूल पर वैट को 21 फीसद से घटाकर एक फीसद कर दिया है।