क्या दिल्ली-एनसीआर में स्कूल हो गए हैं बंद, सच जानने के लिए पढ़िये पूरी खबर

दीवाली के बाद से राजधानी दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के शहरों में भी वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। पिछले एक सप्ताह से दिल्ली-एनसीआर में हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात हैं। इस बीच वायु प्रदूषण को लेकर बिगड़े हालात में दिल्ली के साथ हरियाणा और .यूपी के एनसीआर के जिलों के सभी स्कूल, कालेजों के साथ अन्य शिक्षण संस्थानों को भी अगले आदेश तक बंद करने का आदेश दिया गया है। ऐसे में दिल्ली के साथ हरियाणा के एनसीआर के शहरों में तो 15 नवंबर से ही स्कूल बंद हैं, लेकिन यूपी के एनसीआर के शहरों में स्कूल खुले हुए  हैं।

अन्य दिनों की तरह दिल्ली से सटे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, साहिबाबाद, गाजियाबाद और हापुड़ में बच्चे वायु प्रदूषण के बीच स्कूल पहुंचे। कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर बच्चों ने मास्क तो लगाए थे, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो यह नाकाफी है, क्योंकि गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका वायु प्रदूषण एनसीआर के बच्चों और बुजुर्गों के लिए बहुत खतरनाक हो गया है।

हरियाणा के एनसीआर के शहरों और देश की राजधानी दिल्ली में 15 नवंबर से ही स्कूल बंद है। इसके साथ ही पहली से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राओं की आनलाइन पढ़ाई जारी है। हालांकि, आदेश के मुताबिक, आगामी 21 नवंबर तक सिर्फ आनलाइन शिक्षण की अनुमति है। इसके साथ ही एनसीआर की सभी राज्य सरकारों को अपने 50 फीसद कर्मियों को 21 नवंबर तक वर्क फ्राम होम की अनुमति देने और निजी प्रतिष्ठानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया है।

यहां पर बता दें कि  दिल्ली-एनसीआर के सभी शहरों में बुधवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 के पार ही बना हुआ है। कुछ जगहों पर तो यह 400 के भी पार है। वहीं, कई दिनों की आंशिक राहत के बाद मंगलवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 50 अंक की वृद्धि के साथ फिर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 403 रहा। वहीं, एनसीआर के शहरों का एयर इंडेक्स बहुत खराब श्रेणी में दर्ज हुआ। सफर इंडिया का पूर्वानुमान है कि बुधवार को एनसीआर के शहरों का एयर इंडेक्स भी गंभीर श्रेणी में पहुंच जाएगा। दो-तीन दिन वायु प्रदूषण के इसी श्रेणी बने रहने के आसार हैं। स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने भी यही अनुमान लगाया है।