ओमप्रकाश चौटाला ने पनपने से पहले ही रौंद डाला पारिवारिक एकता का बीज, कहा- यह लोग इनेलो के गद्दार

चौटाला परिवार में एकजुटता के प्रयासों का बीज अंकुरित होते ही इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला ने इसे पूरी तरह से नष्ट कर दिया। अपने बड़े बेटे अजय चौटाला, पोते दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि यह लोग इनेलो पार्टी के गद्दार हैं और गद्दारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। चौटाला यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि आखिर चौटाला परिवार में एकजुटता के प्रयासों की बात क्यों चलाई जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि जजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में भगदड़ मची हुई है। इस भगदड़ को रोकने के लिए ऐसे भ्रमित करने वाले संदेश फैलाए जा रहे हैं कि चौटाला परिवार में एकजुटता होने जा रही है, ताकि जजपा से भागने वाले लोग वहीं पर रुके रहें। चौटाला का यह बयान दो बड़े घटनाक्रम के बाद आया है, जिससे परिवार की एकजुटता के प्रयास अब सिरे चढ़ते दिखाई नहीं दे रहे हैं।

जजपा प्रमुख अजय सिंह चौटाला ने हाल ही में बयान दिया था कि राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता। यदि ओमप्रकाश चौटाला चाहें तो परिवार फिर से एक हो सकता है। अजय सिंह के इस बयान के बाद दुष्यंत चौटाला ने अपने दादा ओमप्रकाश चौटाला के पांव छूते हुए एक फोटो अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट की, जिसमें चौटाला उन्हें आशीर्वाद भी दे रहे हैं। दुष्यंत ने इस फोटो के साथ लिखा कि वह दादा का आशीर्वाद पाकर धन्य हैं।

कार्यकर्ता भ्रम में न रहें, इसलिए चौटाला ने चीजों को स्पष्ट करने में जरा भी देरी नहीं लगाई। इनेलो प्रमुख ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि मैंने कभी अपने व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन में अपने सिद्धातों और अनुशासन से समझौता नहीं किया और जिन्होंने इनेलो पार्टी के साथ अनुशासनहीनता की है, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता हो या कार्यकर्ता हो, उसे कभी बर्दाश्त नहीं किया। अजय सिंह और दुष्यंत की तरफ इशारा करते हुए चौटाला ने कहा कि ये लोग सत्ता के लोभी थे। इन्होंने सत्ता पाने के लिए चौधरी देवीलाल के नाम को इस्तेमाल किया और सत्ता मिलते ही इनका असली चेहरा लोगों के सामने आ गया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर होकर अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे अन्नदाता पर इनकी सरकार ने लाठियां बरसाई। देशद्रोह के केस दर्ज किए और इस दौरान शहीद हुए किसानों की शहादत का मजाक भी उड़ाया। मैं इन लोगों को कभी बर्दाश्त और स्वीकार नहीं कर सकता। परिवार अपनी जगह है और राजनीति अपनी जगह है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढा करती। इसलिए जो लोग भ्रमित होकर जेजेपी में चले गए थे, अब घर वापसी करने लगे हैं। यदि वह आना चाहें तो उनका स्वागत है। चौटाला ने कहा कि ऐलनाबाद उपचुनाव में अभय सिंह चौटाला को जिताकर लोगों ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि इनेलो एकमात्र पार्टी है जो चौ. देवी लाल की नीतियों का अनुसरण कर रही है। इन लोगों ने सोची समझी साजिश के तहत इनेलो को तोडऩे की कोशिश की और प्रदेश की जनता को भ्रमित कर उनका वोट लिया। जिस पार्टी के खिलाफ जनता से वोट लिया, सत्ता के लालच में उसी की गोद में जाकर बैठ गए।