हरियाणा कांग्रेस विधायक दल की बैठक में बनी सरकार को घेरने की रणनीति, इन प्रमुख मुद्दों पर विधासभा में उठाएंगे

कांग्रेस विधायक दल की बुधवार को हुई बैठक में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की गई। विधायकों ने प्रदेश में नौकरियां बेचने का आरोप लगाते हुए इस मुद्दे पर सदन नहीं चलने देने की रणनीति बनाई। कानून व्यवस्था, महंगाई, रुकी हुई परियोजनाओं में गति का अभाव, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में खाली पड़े पदों पर भर्ती नहीं होने के मुद्दे भी विधानसभा में उठाए जाएंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में तय हुआ कि सरकार से कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए की जाने वाली तैयारियों पर जवाब मांगा जाएगा। बैठक के बाद हुड्डा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डाक्टरों के 70 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। स्पेशलिस्ट डाक्टरों के 1978 पद हैं, जबकि 669 पर ही डाक्टर काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार पद खाली हैं। इसी तरह शिक्षा विभाग में 40 हजार से अधिक पद खाली चल रहे हैं। इन खाली पदों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारा प्रदेश कितने रसातल में जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। हर जिले में गंभीर अपराध बढ़ रहे हैं। बेरोजगारी में प्रदेश पहले ही नंबर वन हो चुका है। अपराधी बेखौफ हैं और लोग खौफ में जी रहे हैं। प्रदेश सरकार नंबरदारी प्रथा खत्म करने जा रही है, जबकि उसे यह मालूम नहीं कि नंबरदारी है तो सरकार है। फसलों के उचित दाम किसानों को नहीं मिले। धान की खरीद की प्रति एकड़ लिमिट तय कर दी गई है। पहले डीएपी नहीं मिलता था। अब यूरिया नहीं मिल रहा है।

विपक्ष आपके समक्ष कार्यक्रम के दौरान जनता ने कांग्रेस विधायकों के समक्ष जो मुद्दे उठाए हैं, उन सभी को विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा। तीन कृषि कानूनों को वापस लेने से जुड़े सवाल पर हुड्डा ने कहा कि इस काम को बहुत पहले कर लिया जाना चाहिए था। अब सरकार को एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने के साथ ही दिवंगत किसानों के परिजनों को मुआवजा व नौकरियां दी जानी चाहिए। इसके अलावा किसानों पर दर्ज समस्त तरह के केस वापस लिए जाएंगे।

हरियाणा लोक सेवा आयोग को भंग करने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने विधायकों के साथ बुधवार को राजभवन में दस्तक दी। कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद राजभवन पहुंचे हुड्डा ने राज्यपाल से कहा कि सरकार ने हरियाणा लोक सेवा आयोग के उप सचिव अनिल नागर को बर्खास्त कर पूरे मामले में लीपापोती की है। राजनीतिक संरक्षण के बिना नौकरियों में पैसे नहीं लिए जा सकते, इसलिए हरियाणा लोक सेवा आयोग को भंग कर पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।

राजभवन कूच करने से पहले हुड्डा ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार को विधानसभा में घेरने की रणनीति तैयार की। इसके बाद मीडिया से रूबरू हुए और फिर विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता के साथ हुई रूल्स कमेटी की बैठक में भागीदारी करने चले गए। हुड्डा राजभवन में शाम के वक्त गए और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर हाईकोर्ट के सीटिंग जज से नौकरियों में हो रहे घोटाले की जांच की मांग की। हुड्डा ने मंगलवार को हरियाणा कांग्रेस कमेटी द्वारा पंचकूला में आयोजित प्रदर्शन में भागीदारी नहीं करने से जुड़े एक सवाल पर पूरी स्थिति साफ की।

उन्होंने कहा कि मैं दस साल तक प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा हूं। मेरी भी कोई गरिमा है। मैं क्लर्कों का घेराव करने के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग के कार्यालय पर नहीं जा सकता। कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल का उनके पास फोन आया था। तब मैंने उन्हें यह बात बता दी थी। हुड्डा ने कहा कि मैंने विवेक बंसल से कहा था कि यदि कोई धरना होता है, राज्यपाल या राष्टपति अथवा प्रधानमंत्री से मिलने का कार्यक्रम है तो वह जाने को तैयार हैं। आगे भी यदि ऐसे प्रदर्शन होंगे तो वह उनमें भागीदारी नहीं करेंगे। मैंने किसी विधायक को इस कार्यक्रम में जाने से नहीं रोका और वह गए भी।

उन्होंने कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग के कार्यालय पर प्रदर्शन का कार्यक्रम उनसे पूछकर नहीं रखा गया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग में नौकरियां परचून की दुकान की तरह बिक रही हैं। सरकारी नौकरियों के रेट तय हैं। अब सरकार ने अनुबंध पर लगने वाली नौकरियां हरियाणा कौशल विकास निगम के जरिए दिए जाने की व्यवस्था कर भ्रष्टाचार की तीसरी दुकान खोल दी है।

हुड्डा ने कहा कि उपसचिव अनिल नागर का निलंबन लीपापोती से अधिक कुछ नहीं है। नौकरियां देना नागर के हाथ में नहीं था। वह सेटिंग करता था। सरकार ने दुकान के सेल्समैन को तो पकड़ लिया, लेकिन दुकान मालिक को कुछ नहीं कहा। यह कैसा न्याय है। उन्होंने आयोग के चेयरमैन और सदस्यों को बर्खास्त करने के साथ ही एचपीएससी को भंग करने की मांग की है।

कांग्रेस सरकार में 11 भर्तियां रद होने से जुड़े सवाल पर हुड्डा ने कहा कि यह गलत प्रचार किया जा रहा है। कोर्ट में भर्ती को चुनौती कोई भी दे सकता है। भर्ती अगर रद हुई है तो जरूर उसका कोई तकनीकी कारण रहा होगा। हमारी सरकार में कभी ऐसे नौकरियां नहीं बिकी और न ही ऐसे पैसों के साथ कोई नहीं पकड़ा गया। हुड्डा ने कहा कि आरोप लगाने और रंगे हाथ पकड़े जाने में काफी फर्क है।