सर्दियोंं में किन वजहों से बढ़ सकता है कोविड-19 का खतरा और कैसे करें इससे बचाव, जानें यहां

आमतौर पर सर्दियों का मौसम बहुत सुहाना होता है, पर इस साल ऐसा नहीं है। कोविड-19 की वजह से चारों ओर डर का माहौल बना हुआ, जो स्वाभाविक भी है। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इससे बचाव के लिए वैक्सीन की खोज में जुटे हैं। शोध में जुटे विशेषज्ञों का ऐसा अनुमान है कि यह श्वसन-तंत्र पर हमला करने वाला वायरस है और सर्दियों के मौसम में आमतौर ऐसे अन्य वायरस भी सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए तापमान में आने वाली गिरावट की वजह से इस वायरस की सक्रियता बढ़ सकती है, जिससे कोविड-19 संक्रमण के मामले भी बढ़ सकते हैं।

क्या है खतरा

यह राहत की बात है कि भारत में कोविड-19 की वजह होने वाली मृत्यु दर में अगर 8 गुना वृद्धि हुई है तो 28 गुना लोग इसके बाद स्वस्थ भी हो रहे हैं। फिर भी इस सच्चाई से इंकार नहीं किया जा सकता कि अब यह बीमारी पूरे देश में फैल चुकी है और इससे संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। सर्दियों के मौसम में श्वसन-तंत्र पर हमला करने वाले वायरस ज्यादा लंबे समय तक जीवित रहते हैं, इसी वजह से संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। सर्दियों में लोग बार-बार हाथ धोने में थोड़ा आलस कर जाते हैं, जो संक्रमण का कारण बन जाता है। इसके अलावा जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उससे निकलने वाली ड्रॉपलेट्स को सूखने में ज्यादा समय लगता है, जिससे वायरस सूखकर नष्ट नहीं होता और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इंफ्लूएंजा और रायनो जैसे वायरस भी इसी मौसम में सक्रिय रहते हैं। ठंड से बचाव के लिए इस मौसम में ज्यादातर लोग अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखते हैं, जिससे घर में सूरज की रोशनी और ताज़ी हवा का प्रवेश नहीं हो पाता। ऐसा माहौल वायरस के लिए अनुकूल होता है, जिससे संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।

कैसे करें बचाव

– इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए रोज़ाना के खानपान में हल्दी, अदरक, गुड़, लहसुन, शहद, काली मिर्च का संतुलित मात्रा में नियमित रूप से सेवन करें। तुलसी का काढ़ा पानी भी फायदेमंद साबित होगा।

– संतरा, आंवला और नींबू जैसे खट्टे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं, अतः रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से इनका सेवन करें।

– ठंड की वजह से आलस न करें। रोज़ाना सुबह 20-25 मिनट धूप में जरूर बैठें, इससे शरीर को विटामिन डी का पोषण मिलेगा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी।

– पर्सनल हाइजीन का विशेष ध्यान रखें। हाथ धोने के मामले में लापरवाही न बरतें, अगर संभव हो अपने घर के किचन और हर बाथरूम में गीजर लगवाएं, जिससे बच्चे हाथ धोने में आलस न करें।

– रोज़ाना गुनगुने पानी से नहाएं, दिन में दो बार ब्रश करें और जब भी जरूरी हो, अपने हाथों को सचेत ढंग से बार-बार धोएं।