निजी क्षेत्र में 75 फीसद आरक्षण के बीच एससी/बीसी को अलग से आरक्षण नहीं, दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा में दी जानकारी

हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। हिसार हवाई अड्डे का नामकरण महाराजा अग्रसेन के नाम पर करने के लिए आया प्रस्ताव हरियाणा विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हो गया है। प्रदेश सरकार की ओर से यह अब केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानून रद किए जाने के बाद कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा में पिछले सत्र में पारित प्रस्ताव को वापस लेने का दबाव बनाया। साथ ही फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून बनाने की मांग की। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने पलटवार करते हुए कहा कि आपकी सरकार में केवल दो फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा था, जबकि मौजूदा सरकार 11 फसलों पर एमएसपी दे रही है। यह पूरे देश में सबसे ज्यादा है। केंद्र सरकार के समर्थन में पारित धन्यवाद प्रस्ताव को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेसी विधायकों ने किया सदन से वाक आउट। प्रस्ताव।

इससे पूर्व, प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने भाजपा विधायक निर्मला रानी के सवाल के जवाब में कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 46 हजार 459 पद रिक्त हैं। प्रदेश के 14 हजार 473 सरकारी स्कूलों में 25 लाख 30 हजार 868 बच्चे पढ़ रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों से निजी स्कूलों की संख्या कम होने के बावजूद प्राइवेट स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कहीं ज्यादा है। प्रदेश के 10 हजार 394 स्कूलों में  28 लाख 37 हजार 671 बच्चे पढ़ रहे हैं। सदन में डिप्टी सीएम ने दुष्यंत चौटाला ने जानकारी दी कि हरियाणा में निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसद आरक्षण के बीच अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग को अलग से आरक्षण नहीं मिलेगा। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विधायक बलबीर सिंह के सवाल पर यह जानकारी दी।

कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने प्रदेश के बिजली संयंत्रों में कोयले की उपलब्धता का मुद्दा उठाया। बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने जवाब में कहा कि प्रदेश में कोयले की कमी से बिजली के किसी तरह का संकट सामना नहीं करना पड़ा। इस पर किरण चौधरी ने सवाल उठाया कि कोयला संकट के दौरान सरकार ने कितनी बिजली महंगे दामों पर खरीदी। चौटाला ने जवाब दिया कि पूरे देश में कोयले का संकट था, लेकिन हरियाणा में बिजली की उपलब्धता पूरी थी। किरण चौधरी ने बिजली मंत्री से कोयला संकट के कारण महंगी बिजली लेने का ब्योरा भी मांगा। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने महंगी दरों पर बिजली ली थी। जब किरण चौधरी ने यह ब्योरा मांगा कि इस पर कितना राजस्व खर्च किया गया तो मंत्री ने जवाब दिया कि यह सवाल आपके द्वारा लिखित में नहीं दिया गया। उत्तर भिजवा दिया जाएगा।

किरण चौधरी और बिजली मंत्री में बहस के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चौटाला का बचाव करते हुए कहा कि जब संकट का समय आता है तो बाजार से उसी भाव पर बिजली खरीदी जाती है। सीएम ने आश्वस्त किया कि हरियाणा की जनता को पूरी बिजली मिलेगी चाहे उन्हें महंगी दरों पर क्यों न खरीदनी पड़े। इनेलो विधायक अभय चौटाला ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर को उपलब्ध कराने के बारे में सरकार से जवाब मांगा। अभय ने यह भी पूछा कि फसलों के लागत मूल्य के निर्धारण की सिफारिश राज्य के किसानों को मुआवजे के रूप में देने के लिए राज्य सरकार क्या केंद्र को भेजेगी। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने जवाब में कहा कि बेमौसम बारिश में जो फसल खराब हुई है, उसका मुआवजा जमीन के मालिक को दिया जाएगा। अगर किसान के पास ठेके पर ली गई जमीन का लिखित समझौता है, तो मुआवजा फसल बोने वाले किसान को ही मिलेगा।