आड-इवेन आधार पर खुलेंगी सरोजनीनगर मार्केट की दुकानें, दिल्ली सरकार ने लिया फैसला

दिल्ली-एनसीआर की नामी मार्केट सरोजनीनगर में शनिवार को रविवार को दुकानें आड और इवेन के आधार पर खुलेंगी। जिला प्रशासन की ओर से यह फैसला दिल्ली हाई कोर्ट की संख्त टिप्पणी के बाद किया गया है। बता दें कि ओमिक्रोन के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए सरोजनी नगर मार्केट में 25 और 26 दिसंबर को विषम-सम की व्यवस्था लागू कर दी गई है। क्रिसमस और नाव वर्ष के उत्सव के मद्देनजर सरोजनी नगर मार्केट में पिछले कुछ दिनों से ज्यादा भीड़ हो रही थी। भीड़ के बीच धक्कामुक्की के कई वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए तो प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। इस बारे में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को मार्केट एसोसिएशन के पदाधिकारियों और दुकानदारों के साथ बैठक की और उसके बाद यह निर्णय लिया। एसडीएम वसंत विहार अंकुर प्रकाश मिश्राम ने मार्केट में 25 और 26 दिसंबर को विषम-सम की व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

सरोजिनी नगर मार्केट में खरीदादी करते हुए लोगों के भारी भीड़ की हालिया तस्वीर व वीडियो देखने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों पर सवाल उठाया। बाजार में हजारों लोगों की भीड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने टिप्पणी की कि काेरोना हो या न हो, लेकिन जो हमने देखा वह भयावह है। भगदड़ मच सकती है। सैकड़ों मौतें हो सकती हैं। पीठ ने न्यायालय द्वारा पारित पिछले दो आदेशों का पालन न करने पर नगर निगम और दिल्ली पुलिस सहित अधिकारियों की खिंचाई की।

80 हजार से अधिक लोगों की थी भीड़

बता दें कि सरोजनीनगर में भीड़ के मद्देनजर संबंधित एसएचओ ने दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया कि उस दिन बाजार में 80 हजार से अधिक लोगों की भीड़ थी और विशेष रूप से सप्ताहिक बाजार के दिन 70 से 80 हजार लोग आते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के आने के कारण सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए विशेष बलों को तैनात किया गया है। इस पर पीठ ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्राधिकारी अदालत के आदेशों को लागू करते, वैध लाइसेंस नहीं रखने वाले अवैध लोगों को वहां रहने की अनुमति नहीं देते तो ऐसी कोई समस्या नहीं होगी।

पीठ ने कहा कि जब बड़ी संख्या में सामान बेचने वाले होंगे तभी 80 हजार लोग एक बाजार में जाएंगे। यदि आप बेचने वाले लोगों की संख्या को सीमित करते हैं तो खरीदने वाले लोगों की संख्या भी प्रतिबंधित हो जाएगी। वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि किस तरह से अवैध लोग अपनी दुकान चला रहे हैं।