झाड़ौदा समेत 10 बार्डरों से दिल्‍ली में प्रवेश करने के बदल गए नियम, जानें किस नियम का करना होगा पालन

झाड़ौदा समेत 10 बार्डरों पर दिल्ली सरकार की ओर से रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डिवाइस (आरएफआइडी) सिस्टम लगाया जाएगा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली नगर निगम को इन सभी बार्डरों पर ये डिवाइस लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण काे कम करने तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरएफआइडी मोड के माध्यम से टोल व पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क यानी ग्रीन टैक्स का भुगतान वाणिज्यिक वाहन चालकों को करना होगा। ऐसे में आरएफआइडी टैग के बिना इन बार्डरों से वाणिज्यिक वाहनों की दिल्ली में इंट्री बंद कर दी जाएगी।

आयोग ने दिल्ली नगर निगम से इन बार्डरों पर कब तक आरएफआइडी सिस्टम चालू कर दिया जाएगा, इसके लिए एक्शन प्लान मांगा गया है। हालांकि आयोग ने इन 10 बार्डरों के साथ-साथ दिल्ली के सभी 124 बार्डरों पर यह आटोमेटिड आरएफआइडी सिस्टम चालू करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, टीकरी बार्डर समेत 13 मुख्य बार्डरों पर 15 जुलाई 2019 को आरएफआइडी सिस्टम चालू कर दिया था। 10 बार्डरों पर अब चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह सिस्टम इन बार्डरों पर भी चालू होने के बाद कोई वाणिज्यिक वाहन दिल्ली में प्रवेश करता है तो उसका चालान काटेगा और परमिट भी रद हो सकता है।

बहादुरगढ़ से हजारों वाणिज्यिक वाहन दिल्ली से करते हैं आवागमन:

आरएफआइडी टैग के लिए दिल्ली में नोडल एजेंसी दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) की ओर से वाणिज्यिक वाहन चालकों को पहले ही सचेत किया जा रहा है कि वे अपने वाहनों को आरएफआइडी टैग जरूर लगवाएं। निगम ने इसी तरह के नोटिस भी जारी किए हैं। अब निगम सख्त हो गई है। विशेष रूप से कोई व्यक्ति दक्षिण दिल्ली नगर निगम की वेबसाइट पर पंजीकरण करके आरएफआइडी टैग के लिए आवेदन कर सकता है। बहादुरगढ़ से भी हजारों वाहन टीकरी बार्डर व झाड़ौदा बार्डर के जरिये दिल्ली में प्रवेश करता है। हालांकि काफी संख्या में ऐसे वाहनों पर आरएफआइडी टैग लगवा रखा है लेकिन काफी संख्या में बिना टैग वाले वाहन झाड़ौदा बार्डर से आवागमन करते हैं। ऐसे में अब इन वाहनों को भी आरएफआइडी टैग लगवाना पड़ेगा।

इन बार्डरों पर पहले ही यह व्यवस्था:

टीकरी, अया नगर, कापसहेड़ा, राजोकरी, कुंडली, कालिंदी कुंज, शहादरा मेन, शहादरा फ्लाईओवर, डीएनडी फ्लाईओवर, बदरपुर मेन, बदरपुर फ्लाईओवर, गाजीपुर मेन व गाजीपुर ओल्ड में 15 जुलाई 2019 से ही यह व्यवस्था है।

..वाहनों पर अगर आरएफआइडी टैग लगा हो तो बार्डर पर प्रदूषण का स्तर काफी कम हो जाएगा। वाहन यहां बिना रुके ही टैग के माध्यम से अपने टैक्स का भुगतान कर सकेंगे। यह एक अच्छी व्यवस्था है। यातायात व्यवस्था भी सुचारू रहती है।