हरियाणा में महिला और पुरुष सब इंस्पेक्टर भर्ती हुए युवाओं की होगी जांच, कहीं आपने तो नहीं की ये गलती

हाल ही हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से पुलिस विभाग में भर्ती किए गए महिला एवं पुरुष सब इंस्पेक्टर की जांच शुरु हो गई है। प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव ने हर जिले के उपायुक्तों को पत्र लिख कर नियुक्ति से पहले इनकी तमाम पहलुओं से जांच करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए जिला स्तर पर पांच सदस्यों की एक समिति गठित की गई, जिनमें उपायुक्त अध्यक्ष होंगे। इनके साथ पुलिस उपाधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार शामिल किए गए हैं। समिति को वीरवार 30 जनवरी तक अपने-अपने जिलों में भर्ती हुए सब इंस्पेक्टरों की पूरी रिपोर्ट मुख्य सचिव को देनी है।

इन पहलुओं की होगी जांच

मुख्य सचिव की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार यह समिति इन युवाओं के परिवार की आय, शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र की जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनके परिवारों से कोई सदस्य सरकारी नौकरी में तो नहीं है और इन्होंने आवेदन करते हुए उसका शपथ-पत्र में जिक्र किया है या नहीं। बता दें कि जिस परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है, उसे प्रदेश सरकार की ओर से पांच अंक प्रदान किए जाते हैं। यह प्रविधान सरकार ने 2017 में लागू किया था।

कैथल में आया था तथ्य छिपाने का मामला

सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करते समय अनिवार्य तथ्य छिपाने का एक मामला कैथल में ही मिला था। इसके चलते मंगलवार को उपायुक्त प्रदीप दहिया ने एक क्लर्क कुलदीप सिंह की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए थे। इस क्लर्क ने 21 सितंबर 2020 को ज्वाइन किया था। उसने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 5/2019 के तहत आवेदन किया था। कुलदीप सिंह का भाई प्रदीप कुमार सरकारी नौकरी में था, लेकिन उसने आवेदन करते समय तथ्यों को छिपाते हुए परिवार में सरकारी नौकरी नहीं होने की जानकारी दी थी। तहसीलदार पूंडरी ने इस विषय को लेकर जांच की गई, जिसमें पाया कि संबंधित प्रार्थी ने तथ्यों को छिपाया है। कुलदीप सिंह से इस बारे में कई बार स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। उपायुक्त प्रदीप दहिया ने जांच के के बाद नियमानुसार कुलदीप सिंह की सरकारी सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए।