हरियाणा शहरी प्राधिकरण का बड़ा कदम, राज्‍य में स्टिल्ट पार्किंग सहित चार मंजिला मकान बनाने पर रोक

हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में स्टिल्ट पार्किंग सहित चार मंजिला मकान बनाने की नीति पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने फिलहाल तत्काल रोक लगा दी है। इसके लिए प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी की तरफ से सभी प्रशासकों को सूचित कर दिया गया है। प्राधिकरण ने यह निर्णय पंचकूला सेक्टर-16 के एक मामले में रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की शिकायत के बाद लिया है।

यह मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। 11 फरवरी को इसमें सुनवाई होनी है। कोर्ट ने इस मामले में स्टिल्ट पार्किंग सहित चार मंजिला मकान बनाने के काम पर रोक लगाई हुई है। इसका कारण यह है कि 1989 में जिस पड़ोसी ने निर्माणाधीन मकान के बराबर मकान बनाया था, उसके बाद नए निर्माण से पुराने मकान के भवन को खतरा पैदा हो गया था।

मुख्य प्रशासक ने नई सिफारिशों के लिए बनाई चार अधिकारियों की उच्च स्तरीय कमेटी

फिलहाल स्टिल्ट पार्किंग सहित चार मंजिला मकान बनाने की नीति में सुधार के लिए मुख्य प्रशासक ने प्राधिकरण के मुख्य अभियंता, मुख्य नगर योजनाकार सहित दो अन्य अधिकारियों की एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी पुराने सेक्टरों में स्लिल्ट पार्किंग सहित चार मंजिला मकान बनाने सहित बेसमेंट बनाने से पड़ोसी को होने वाली परेशानियों पर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद ही नए सिरे से स्टिल्ट पार्किंग सहित चार मंजिला मकान बनाने की मंजूरी दी जाएगी।

लोगों ने पुराने मकान तोड़कर बनाने शुरू कर दिए थे नए, पड़ोसियों को हो रही थी दिक्कतें

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी के अनुसार यह सरकार की नीति है। इस पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। लोगों की शिकायत है कि स्टिल्ट पार्किंग सहित चार मंजिला मकान बनने से बराबर में पहले से बने मकानों में दरार आ जाती है। इसके अलावा भी कई तरह की शिकायतें हैं। इनका निवारण करने के लिए एचएसवीपी के चार उच्च स्तरीय अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है, जो निर्माण संबंधी शिकायतों पर अपनी सिफारिशें देगी। कमेटी की संस्तुति पर ही नए नियमों के तहत आगे की मंजूरी दी जाएंगी।

पूरे प्रदेश में लागू हैं नए नियम, कैबिनेट में हुआ था फैसला

स्टिल्ट पार्किंग की शर्त के साथ रिहायशी इलाकों में चार मंजिला भवन निर्माण का फैसला राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया था। सभी सेक्टरों पर यह निर्णय लागू है। पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक व सोनीपत सहित प्रदेश के अधिकतीर जिलों में इस फैसले के बाद लोगों ने अपने पुराने मकानों को तोड़कर नए सिरे से निर्माण किया है। हालांकि यह संख्या सेक्टरों में मकान व कोठियां बनाकर रह रहे लोगों के मुकाबले काफी कम है।

कई मकानों में दरारें आने और निर्माण की वजह से पानी घुसने की भी शिकायतें की गईं। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता के पास पंचकूला के लोग लोकल विधायक होने के नाते शिकायतें लेकर पहुंचे थे। एचएसवीपी ने अपने आदेशों में स्पीकर की अध्यक्षता में हुई बैठक का भी हवाला दिया है। स्पीकर ने कहा है कि यह बात रही है कि काफी लोग उनके पास समस्याएं लेकर पहुंचे थे और उन्होंने अधिकारियों से इस समस्या के समाधान का आग्रह किया था।

पुराने सेक्टरों में नहीं दी जाए इसकी मंजूरी

स्टिल्ट पार्किंग सहित चार मंजिला मकान बनाने की नीति से शहरों में प्लाटों के दाम बढ़ गए हैं। छोटे बिल्डर फ्लोर बनाकर बेच रहे हैं। इससे पुराने सेक्टरों की मूलभूत सुविधाओं मसलन बिजली, पानी, सड़क, सीवर और पार्किंग की भी समस्या पैदा हो रही हैं। सेवानिवृत नगर योजनाकार रवि सिंगला का सुझाव है कि पुराने सेक्टरों में इसकी मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए।